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देहरादून: उत्तराखंड पलायन से जूझ रहा है। पलायन की सबसे बड़ी वजह है रोजगार की कमी। इस कमी को दूर करने के लिए प्रदेश सरकार अपनी तरफ से हर कोशिश कर रही है। प्रदेश में उद्योंगों को बढ़ावा मिल रहा है, अलग-अलग विभागों में भर्तियां निकाली जा रही हैं, लेकिन इसके बावजूद बेरोजगारी लगातार बढ़ रही है। प्रदेश में बेरोजगारी की दर Unemployment rate Uttarakhand 14.2 आंकी गई है, जो कि साल 2003-04 की तुलना में 7 गुना ज्यादा है, ये खुलासा एनएसओ के सर्वे में हुआ। केंद्रीय श्रम बल सर्वेक्षण ने जो आंकड़े जारी किए हैं, वो प्रदेश के नियोजन विभाग की सर्वे रिपोर्ट से करीब 3 गुना ज्यादा हैं। साल 2017 में प्रदेश के नियोजन विभाग ने मानव विकास रिपोर्ट तैयार करते समय प्रदेश में बेरोजगारी को लेकर सर्वे किया था। ये रिपोर्ट साल 2019 में जारी हुई। जिसके मुताबिक उत्तराखंड में बेरोजगारी की दर 4.2 बताई गई थी। 2003-04 में यह दर मात्र 2.1 प्रतिशत थी। रिपोर्ट में ये भी बताया गया था कि प्रदेश में किसी न किसी तरह के रोजगार में लगे लोगों की संख्या (वर्क पार्टिसिपेशन ) करीब 45 प्रतिशत है।