सवाल ये है कि आखिर ये खनन माफिया कब सुधरेंगे। चमोली के थराली जिले में खनन माफियाओं ने एक बार फिर से अपनी मनमानी कर दी।
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Image: Coronavirus Uttarakhand:Chamoli tree cut by mining mafia
चमोली: थराली विधानसभा के हरमनी से सटे नगरकोटियाणा में जिलाधिकारी चमोली ने रीवर ट्रेनिंग के पट्टे जारी किए थे,नीलामी में इस रीवर ट्रेनिंग का आधार मूल्य साढ़े नो लाख रुपये सरकार की ओर से तय किया गया और उच्चतम बोली में रीवर ट्रेनिंग का ये पट्टा 47 लाख में बिका ,खनन व्यवसायियों को खनन पट्टे तक पहुंच मार्ग की व्यवस्था खुद ही करनी पड़ती है ,यहां खनन व्यवसायियों ने खनन पट्टे तक रास्ता बनाने के चलते 15 हरे ,फलदार और छायादार पेड़ो का कत्लेआम कर दिया। नगरकोटियाणा में आवंटित खनन के पट्टे तक पहुंच मार्ग बनाने में खनन व्यवसायियों ने जिन 15 पेड़ो को काट कर गिरा दिया है उनमें 5 पेड़ मेहल के ,4 अखरोट,2 खडीक,1 तिमिल,1 भीमल,1 निम्बू और एक पेड़ गैथी का खनन व्यवसायियों ने काट गिराया ,इसके साथ ही बीआरओ द्वारा निर्माणाधीन सड़क ग्वालदम कर्णप्रयाग मोटरमार्ग को भी खनन व्यवसायियों ने क्षति पहुंचाई है ,खनन व्यवसायियों द्वारा वन संपदा को पहुंचाई गई क्षति से तो लगता है इन्हें न ही नियमो का कोई वास्ता है और न ही प्रशासन का कोई डर,हालांकि वन विभाग ने सूचना दिए जाने पर मौके का निरीक्षण कर वन संपदा को पहुंचाए गए नुकसान का जायजा ले लिया है ,वन क्षेत्राधिकारी नारायणबगड़ भवान सिंह परमार ने बताया कि खनन व्यवसायियों द्वारा 15 हरे पेड़ो को काटा गया है वन संपदा को पहुंचाए गए नुकसान का आगणन तैयार किया जा रहा है जिसके बाद सम्बंधित व्यक्तियों का वन अधिनियम एक्ट में चालान कर जुर्माना लगाया जाएगा , हालांकि वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों में भी काटे गए पेड़ो की संख्या को लेकर अभी भी संशय नजर आ रहा है रेंज अधिकारी के मुताबिक 15 हरे पेड़ो का नुकसान हुआ है वहीं फ़ॉरेस्ट गार्ड दिलमणि देवराड़ी ने मीडिया बाइट में 12 पेड़ो के नुकसान की बात कही है।
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