उत्तराखंड: BJP विधायक बोले- नजीबाबाद से आने वाली सब्जियां न लें

दिल्ली में हुए तब्लीगी जमात के बाद बीजेपी विधायक ने एक पोस्ट लिखी। इसमें उन्होंने उत्तराखंड निवासियों से अपील की थी कि उत्तर प्रदेश नजीबाबाद से आने वाली सब्जियों को न खरीदें।
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Coronavirus Uttarakhand: Coronavirus Uttarakhand:BJP MLA mahendra bhatt facebook post
Image: Coronavirus Uttarakhand:BJP MLA mahendra bhatt facebook post

चमोली: कोरोना के वैश्विक महामारी घोषित होते ही लोग सावधान हो गए हैं। मगर अब भी भारत के कुछ लोगों को लॉकडाउन की बात समझ नहीं आती। शायद यही कारण है कि भारत में रहने वाले कुछ असामाजिक तत्व धार्मिक गतिविधियों के चलते सरकार के निर्देशों की धज्जियां उड़ाते हैं और कोरोना को मेहमान की तरह आमंत्रित करते हैं। तब्लीगी जमात में जो हुआ वो हर तरीके से गलत था। लोगों ने अपनी कम अक्ल का प्रदर्शन तो किया ही साथ ही साथ वे पूरे भारत में घूम कर ये वायरस फैला रहे हैं। इसी विषय पर चिंता जाहिर करते हुए बदरीनाथ के विधायक महेंद्र भट्ट ने अपने फेसबुक पेज पर विचार साझा किए हैं। उन्होंने कहा कि नजीबाबाद उत्तर प्रदेश से आने वाली सब्जियों को न खरीदें। आपको बता दें कि महेंद्र भट्ट अपने फेसबुक पर सक्रियता की वजह से बहुत चर्चा में रहते हैं। विधायक महेन्द्र भट्ट ने हाल ही में फेसबुक पोस्ट की जिसमें उन्होंने लिखा कि निज़ामुद्दीन में तब्लीगी जमात से लोगों के बीच खतरा बढ़ गया है। ऐसे में उनका उत्तराखंड के लोगों से निवेदन है कि नजीबाबाद से आने वाली सब्जियां न खरीदें। आगे पढ़िए

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साथ महेन्द्र भट्ट ने लिखा कि दुकान और दुकानदारों का भी ध्यान रखें। संदिग्धों से सब्ज़ियां खरीदने की बजाय उत्तराखंड के किसानों से ही सब्ज़ियां खरीदें। उन्होंने नाई तथा मोची के दुकानों में कम से कम जाने की अपील भी की। जब बीजेपी विधायक की इस बात के ऊपर धार्मिक आधार पर पक्षपात के आरोप लगने लगे तो महेन्द्र भट्ट ने मीडिया के आगे आकर अपनी पोस्ट पर सफाई देते हुए कहा कि इस अपील को धार्मिक तरीके से देखा जा रहा है जो कि मेरी मंशा बिल्कुल नहीं थी। उन्होंने कहा कि उनकी बात को गलत तरीके से प्रचारित किया जा रहा है और उन्होंने यह पोस्ट केवल लोगों की स्वास्थ्य सुरक्षा को ध्यान में रख कर की थी। दरअसल तब्लीगी जमात में उत्तराखंड के बहुत लोगों ने हिस्सा लिया था, जिसके बाद बहुत से लोगों ने राज्य में वापसी की थी जिस को बीमारी के तौर पर लेते हुए महेंद्र भट्ट ने लोगों से अपील की थी। महेंद्र भट्ट आगे कहते हैं कि किसी भी धर्म विशेष को लेकर उनके मन मे विरोध की कोई मंशा नहीं है।