लॉकडाउन में गरीबों की मदद सबसे ज्यादा जरूरी है। बागेश्वर पुलिस (Uttarakhand Police) और उनकी अधीक्षक ने इसके लिए नेक पहल की है।
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अनुष्का ढौंडियाल
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Image: Bageshwar sp rachna juyal
बागेश्वर: लॉक डाउन ... यह शब्द अपने अंदर बहुत सी चीजों को समेटा हुआ है। पूरे 21 दिन के लिए भारत बंद है। अर्थात किसी भी प्रकार की कोई भी दुकान नहीं खुलेगी, लोग अपने अपने घर में रहेंगे। मगर क्या आप यह सोच सकते हैं कि जो लोग रोजाना मजदूरी करके या रोजमर्रा के काम करके अपना गुजर-बसर करते हैं वह लोग 21 दिन में अपना या अपने परिवार का पेट कैसे पालेंगे? हम में से यह कोई भी नहीं चाहता कि कोई भी भूखा पेट सोए। शायद इसीलिए उत्तराखंड पुलिस (Uttarakhand Police) ने यह कार्य अपने जिम्मे लिया है कि देवभूमि के अंदर किसी भी व्यक्ति को अन्न की कमी न हो। खासकर कि वे लोग जो गरीब हैं, जो अक्षम है और जो अपना पेट और अपने परिवार का पेट नहीं पाल पा रहे हैं। इसीलिए उत्तराखंड की पुलिस जरूरतमंदों को खाना खिला रही है। एक ऐसी ही नेक और सराहनीय पहल के बारे में राज्य समीक्षा आज आप सबको बताने वाला है। आगे पढ़िए
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हम बात कर रहे हैं बागेश्वर पुलिस की जिसकी पुलिस अधीक्षक रचिता जुयाल ने एक ऐसा कार्य शुरू किया है जो कि सैंकड़ों लोगों के लिए एक उदाहरण बन के सामने आया है। वे जरूरतमंदों को पुलिस मेस में भोजन करा रही हैं। आइए जानते हैं रचिता जी की इस अनोखी पहल के बारे में।मानवता का श्रेष्ठ उदाहरण देती है बागेश्वर पुलिस और उनकी अधीक्षक रचिता जुयाल। इस कठिन समय में जब मजदूर, गरीब और जरूरतमंद लोग घर से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं, ऐसे में रचिता जुयाल ने टीम सहित इन लोगों की तरफ मदद का हाथ बढ़ाया। वे लॉकडाउन में उन सभी मजदूरों, जरूरतमंदों और गरीबों के लोगों के लिए नजदीकी कोतवाली या थाने में राशन की व्यवस्था कर रहे हैं। जब रचिता जुयाल जी से इस नेक पहल के ऊपर बात हुई तो उन्होंने बताया कि जो लोग घर में खाना बना पा रहे हैं उनके लिए हम लोग राशन उपलब्ध करा रहे हैं, जिसकी व्यवस्था कोतवाली या थाने में की जाएगी। आगे भी पढ़िए
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साथ ही साथ ऐसे लोग जो अपने घरों में खाना नहीं बना पा रहे हैं उनके लिए सभी पुलिस मेस में खाने की उचित व्यवस्था भी की जा रही है। साथ ही रचिता कहती हैं कि जरूरतमंद लोग बिना डरे हुए पुलिस थाने या कोतवाली में आकर अपनी समस्या बता सकते हैं। उन लोगों को पुलिस अधिकारी या तो पुलिस मेस या फायर स्टेशन मेस में निशुल्क भोजन कराया जाएगा और एक पर्ची भी दी जाएगी जो लॉकडाउन के दौरान भी खाना खाने के लिए मेस तक आने-जाने के पास का काम करेगी। रचिता और बागेश्वर पुलिस की इस पहल ने समाज के आगे प्रेरणादायक उदाहरण रखा है। हम आशा करते हैं कि देश के ऊपर आयी इस विकट परिस्थिति में हर कोई अपनी तरफ से जरूरतमंदों और गरीबो की मदद के लिए आगे आएगा।