उत्तराखंड: 1 ही इलाके में 2 जमाती कोरोना पॉजिटिव, 2.5 लाख लोग क्वारेंटाइन..सील हुआ इलाका

दो जमातियों के कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद प्रशासन ने इलाके को पूरी तरह सील कर दिया। ढाई लाख लोग घरों में कैद हो गए हैं...आगे पढ़िए पूरी खबर
Advertisement हजारों वर्षों से जलती अखंड ज्योति के सामने सात फेरे - आस्था, परंपरा और प्रकृति का अनोखा संगम

पहाड़, मंत्र और देवभूमि का आशीर्वाद.. त्रियुगीनारायण में शादी सिर्फ एक समारोह नहीं, आध्यात्मिक अनुभव है।

Example Ads Media
CoronaVirus Uttarakhand: Coronavirus uttarakhand haridwar jwalapur seal
Image: Coronavirus uttarakhand haridwar jwalapur seal

हरिद्वार: जमात से लौटे लोगों को उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण फैलाने का दोषी कहा जाए, तो गलत नहीं होगा। क्योंकि उत्तराखंड में जिस तेजी से कोरोना पॉजिटिव केस बढ़े हैं, उसके लिए कहीं ना कहीं जमात से लौटे लोगों की लापरवाही जिम्मेदार है। ताजा मामला हरिद्वार का है, जहां ज्वालापुर कोतवाली क्षेत्र में दो और जमातियों की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव पाई गई। ज्वालापुर में दो जमातियों के कोरोना पॉजिटिव की पुष्टि होते ही बुधवार की सुबह करीब 1 लाख की आबादी पहले ही होम क्वारंटाइन की गई। 6 मोहल्ले होम क्वारंटाइन किए गए थे। इसके बाद देर रात पूरा ज्वालापुर सील कर दिया गया। करीब ढाई लाख की आबादी होम क्वारंटाइन हो गई है। जमातियों के कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद प्रशासन ने पांवधोई इलाके को पूरी तरह सील कर दिया है। सरकारी गाड़ियों के काफिले की आवाज सुनकर यहां सुबह लोगों की आंख खुली। इसके बाद मस्जिद के लाउडस्पीकर से कोरोना की दहशत की आवाज लोगों के कानों में पड़ी। लोगों को हिदायत दे दी कि पूरा इलाका सील किया गया है। बताया गया है कि कोई भी अपने घर से बाहर निकलने की जुर्रत न करे। आगे पढ़िए

यह भी पढ़ें - उत्तराखंड मे 3 बड़े गांव पूरी तरह सील, 20 हजार लोग हुए क्वारेंटाइन..देखिए वीडियो
जटवाड़ा पुल से दुर्गा चौक तक आवाजाही बंद कर दी है। इलाके के सील होने का मतलब है यहां दुकानें नहीं खुलेंगी। ना दूधिया आ सकेगा और ना ही सब्जी विक्रेता। जरूरत पड़ने पर प्रशासन लोगों की मदद करेगा। खबर है कि पूरे इलाके में बैरिकेडिंग लगाई गई है। पीएसी तैनात कर दी गई है। मंगलवार को यहां सिविल अस्पताल में भर्ती एक मरीज की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव पाई गई थी। जिसके बाद उसे मेला अस्पताल में भर्ती कर दिया गया। ये शख्स जमात से लौटा था। इसके अलावा एक और युवक भी कोरोना पॉजिटिव पाया गया। दोनों जमाती पांवधोई इलाके के रहने वाले हैं। जैसे ही रिपोर्ट आई प्रशासन ने पूरे क्षेत्र में मुनादी करा दी कि कोई घर से बाहर ना निकले। पांवधोई के साथ-साथ कस्साबान इलाके को भी सील कर दिया गया। यहां लोगों को किसी भी तरह की जरूरत होने पर प्रशासन से मदद लेनी होगी। बीमार लोगों की मदद के लिए गली-चौराहों पर पुलिस तैनात है। संबंधित क्षेत्र के लेखपाल और राजस्वकर्मियों को लोगों की मदद करने को कहा गया है। क्षेत्र में किसी के बीमार होने की सूचना यही कर्मचारी प्रशासन तक पहुंचाएंगे।

यह भी पढ़ें - उत्तराखंड सरकार ले सकती है बड़ा फैसला, लोगों को नहीं मिल पाएगी ये छूट
उत्तराखंड के रुड़की से पहले ही ब़ड़ी खबर आ चुकी है। 14 हजार की आबादी वाले पनियाला गांव (Roorkee paniyala village) , 3 हजार की आबादी वाले गैंडी खाता और 3 हजार की आबादी वाले मलकपुर गांव को पूरी तरह से सील कर दिया गया है। इन गांवों में ड्रोन से निगरानी की जा रही है। राशन की दुकानों से लोगों को जरूरी चीजें और सब्जियां भी पहुंचाई गईं। गांव के 50 फीसदी परिवारों को अप्रैल महीने का राशन बांटा जा चुका है। अब जरा जान लीजिए कि ऐसा आखिर कैसे हो गया ? दरअसल पनियाला गांव में एक कोरोना पॉजिटिव मिला, खबर है कि वो पूरे गांव में घूमा। गांव में घनी आबादी है और इस वजह से डर है कि यहां कम्युनिटी ट्रांसमिशन न हो जाए। इसके बाद गांव को पूरी तरह सील कर दिया गया है। आपको जानकर हैरानी होगी इस गांव की आबादी 14 हजार है। इसके अलावा मलकपुर गांव को भी सील कर दिया गया है। इस गांव की आबादी 3 हजार है। बताया जा रहा है कि कोरोना पॉजिटिव पाया गया युवक मलकपुर गांव का ही रहने वाला है।