कलयुगी बेटे को 85 साल की बुजुर्ग मां पर जरा भी तरस नहीं आया। मां को घर से निकालते वक्त युवक ने ये भी नहीं सोचा कि लॉकडाउन के दौरान वो कहां जाएगी। वो तो शुक्र है कि महिला को तुरंत पुलिस की मदद मिल गई...आगे पढ़िए पूरी खबर
-
कोमल नेगी
-
Advertisement
Untouched Trekking Routes in Kedar Himalaya, Uttarakhand
Lesser-known treks offering breathtaking Himalayan views. A perfect blend of adventure, solitude, and spirituality.
Example Ads Media
Image: Son expels elderly mother from house in pauri garhwal
पौड़ी गढ़वाल: किसी ने सच ही कहा है खून के रिश्तों का अब कोई मोल नहीं रह गया है, जब तक स्वार्थ पूरा होता रहे, रिश्ते भी तभी तक चलते हैं। कोटद्वार में भी कुछ ऐसा ही हुआ, यहां लॉकडाउन के दौरान एक कलयुगी बेटे ने अपनी बुजुर्ग मां को मारपीट कर घर से बाहर निकाल दिया। जिस मां ने बेटे को नौ महीने कोख में रखा, उसे खून से सींचकर बढ़ा किया। उसी बेटे को बुजुर्ग मां का घर पर रहना खटकने लगा। मां से पीछा छुड़ाने के लिए बेटे ने संवेदनहीनता की सारी हदें पार कर दीं। उसने मां को मारा-पीटा और उसे धक्के देकर घर से निकाल दिया। वो तो शुक्र है कि बुजुर्ग महिला को तुरंत मदद मिल गई और पुलिस ने उसे सकुशल उनकी छोटी बेटी के घर पहुंचा दिया। रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली ये घटना पौड़ी जिले के दुगड्डा ब्लॉक की है। यहां पुलिस को आमडाली के पास किसी बुजुर्ग महिला के होने की सूचना मिली थी।
यह भी पढ़ें - उत्तराखंड: 30 अप्रैल तक रहेगा लॉकडाउन, A और B कैटेगरी में बंटेंगे जिले..जानिए खास बातें
पुलिस मौके पर पहुंची तो पुलिसकर्मियों को देख बुजुर्ग महिला बिलख पड़ी। महिला ने बताया कि उसका नाम शांति देवी है। उम्र 85 साल है। शांति देवी ने बताया कि बेटे ने उसे मारपीट कर घर से बाहर निकाल दिया है। बैंक की पासबुक, पेंशन और दूसरे जरूरी कागजात भी छीन लिए। अब उसके पास कोई आसरा नहीं रहा। महिला ने मदद मांगी तो पुलिसकर्मी महिला को लेकर बैंक गए। उसे खाते से धनराशि निकालने में मदद की। बाद में बुजुर्ग महिला को उनकी बेटी के घर पहुंचा दिया गया। दरअसल पुलिस को एक व्यक्ति से सूचना प्राप्त हुयी कि आमडाली डाडमंडी रोड़ दुगड़्डा से एक बुजुर्ग महिला दुगड़्डा की तरफ आ रही है परन्तु लॉकडाउन में वाहन ना मिलने के कारण वह पैदल पैदल चल रही हैं, प्राप्त सूचना पर पुलिस द्वारा बुजुर्ग महिला को अपने वाहन में बैठाकर दुगड्डा लाया गया। बुजुर्ग महिला को तस्लली देकर अपनेपन का अहसास दिलाकर परिचय जाना गया तो बुजुर्ग महिला द्वारा अपना नाम शान्ति देवी (उम्र-85 वर्ष) बताकर अपनी दास्तां सुनायी कि उनके लड़के ने उनसे मारपीट कर घर से निकालकर उनकी बैक की पासबुक व अन्य कागजात भी छीन कर अपने पास रख लिए, जिसमें शान्ति देवी की पेंशन आती थी।
यह भी पढ़ें - उत्तराखंड में 500 लोग जमातियों के संपर्क में आए,बहुत ज्यादा सावधान रहने की जरूरत
इस पर चौकी प्रभारी दुगड्डा उ0नि0 ओमप्रकाश व अन्य पुलिस कर्मियों द्वारा वृद्ध महिला को अपनी गाड़ी में बिठाकर बैंक ले गए, बैंक मैनेजर से निवेदन कर उक्त बुजुर्ग महिला के नाम पता के आधार पर खाता संख्या ज्ञात करके श्रीमती शान्ति देवी के खाते से धनराशि निकलवा कर श्रीमती शान्ति देवी को सौंपी दी। बुजुर्ग महिला भूखी होने के कारण उनको भोजन कराया गया। बुजुर्ग महिला श्रीमती शान्ति देवी के बेटे के संबंध में संबंधित ग्राम हनुमन्ती के राजस्व उ0नि0 को सूचित किया गया। बुजुर्ग महिला से पूछा गया कि वह अब कहां जाना चाहती हैं, इस पर उन्होने बताया कि वह अपने बेटे के पास न जाकर अपनी बेटी बीना के घर बांसी गाँव रतुवाढाब जाना चाहती हैं, जिस पर दुगड्डा पुलिस द्वारा बुजुर्ग महिला के लिए एक कार बुक कर उनको उनकी बेटी के गांव भेजकर पुलिस द्वारा वर्तमान समय की कठिन परिस्थिति को दृष्टिगत रखते हुए नेक कार्य कर उत्तराखण्ड पुलिस का गौरव बढ़ाया गया।