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केदार हिमालय के ऐसे ट्रेक जहां रास्ता खुद आपको चुनता है
बुग्याल, हिमालयी वन और बर्फीली चोटियों का अद्भुत नज़ारा। आध्यात्म, रोमांच और एकांत का अनोखा संगम।
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चम्पावत: लॉकडाउन के चलते जिंदगी मानों थम सी गई है। कुछ महीने पहले तक किसने सोचा था कि एक वायरस इस तरह पूरी दुनिया को घरों में कैद कर देगा। कोरोना का खतरा लगातार बढ़ रहा है। इंसान तो इंसान, भगवान भी मंदिरों में कैद हो गए हैं। कई लोगों ने शादी-ब्याह टाल दिए। धार्मिक-सामाजिक कार्यक्रम प्रतिबंधित हैं। ऐसे मुश्किल वक्त में ऑनलाइन सेवाएं लोगों की जिंदगी में नई खुशियां भर रही हैं, जिंदगी को काफी हद तक आसान बना रही हैं। ऐसा ही कुछ चंपावत के लोहाघाट में भी हुआ। यहां चंडीगढ़ में पैदा हुई बच्ची के नामकरण की सारी विधियां ऑनलाइन संपन्न कराई गईं। लोहाघाट के रहने वाले भुवनचंद्र चौबे चंडीगढ़ में रहते हैं। वो मूलरूप से सातखाल के रहने वाले हैं, जबकि उनके पंडित सुई इलाके में रहते हैं। एयरफोर्स में कार्यरत भुवन चंद्र की पत्नी नेहा ने 3 अप्रैल के दिन कन्या को जन्म दिया। पूरा परिवार खुश था, लेकिन लॉकडाउन के चलते चंडीगढ़ में नामकरण के लिए पंडित नहीं मिल पाए।