उत्तराखंड: इस अफसर को सैल्यूट, लॉकडाउन में फर्ज के लिए टाल दी बेटी की शादी

17 अप्रैल 2020 ये वो दिन है, जिस दिन उत्तराखंड पुलिस के इस अफसर की बेटी की शादी होनी थी, लेकिन जब बात देश की आई तो उन्होंने रिश्तों की बजाय अपने फर्ज को अहमियत दी...आगे पढ़िए पूरी खबर
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Pauri Garhwal News: Pauri garhwal Ganesh bandwal serves his duty first over family
Image: Pauri garhwal Ganesh bandwal serves his duty first over family

पौड़ी गढ़वाल: कोरोना से सीधी जंग लड़ रहे कोरोना वॉरियर्स पूरे देश के लिए मिसाल बने हैं। ऐसी ही एक मिसाल पौड़ी में तैनात यातायात उपनिरीक्षक गणेश बंडवाल ने पेश की। 17 अप्रैल 2020...ये वो दिन है, जिस दिन गणेश बंडवाल की बेटी की शादी होनी थी। हर पिता की तरह गणेश बंडवाल ने भी लाडली की शादी की खूब तैयारियां की थी, लेकिन जब बात देश की आई तो गणेश बंडवाल ने रिश्तों की बजाय अपने फर्ज को अहमियत दी। उन्हें बेटी की शादी टाल दी और अपने ड्यूटीस्थल पहुंच गए। गणेश बंडवाल यातायात उपनिरिक्षक हैं। इस वक्त पौड़ी मुख्यालय में तैनात हैं। साल 2019 में उनकी बेटी ज्योति की शादी तय हुई थी। 17 अप्रैल 2020 को बारात आनी थी। शादी के कार्ड बंट चुके थे। सामान भी गांव भिजवा दिया गया था, लेकिन कोरोना के खतरे को देखते हुए गणेश ने बेटी की शादी टाल दी और ड्यूटी पर लौट आए।

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दरअसल उन्हें ड्यूटी से छुट्टी लेकर बेटी की शादी में जाना सही नहीं लग रहा था। गणेश बंडवाल ने कहा कि यह वक्त पारिवारिक दायित्वों और जिम्मेदारी से पहले देश के प्रति कर्तव्य निभाने का है। पहले देश सेवा, फिर दूसरे काम। ऐसे में वो ड्यूटी से छुट्टी लेकर बेटी की शादी में शामिल नहीं हो सकते थे। गणेश बंडवाल के घर में पहला मांगलिक कार्य होने वाला था। उनकी बेटी की बारात गैरसैंण से उनके निवास स्थान पीपलकोटी, चमोली आनी थी, लेकिन गणेश बंडवाल ने अपना फर्ज निभाने के लिए बेटी की शादी टाल दी। वो पिछले तीस साल से पुलिस महकमे में सेवा दे रहे हैं। फिलहाल राज्य समीक्षा की टीम की तरफ से ऐसे कोरोना वॉरियर्स को सैल्यूट।