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जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
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चमोली: समस्त विश्व मे कोरोना वायरस तांडव मचा रहा है। उत्तराखंड भी इससे अछूता नहीं रहा है। राज्य में अबतक कोरोना के 37 पॉज़िटिव केस आ गए हैं, जिससे राज्य में कोहराम मचा हुआ है। मगर इस विकट परिस्थिति में कुछ ऐसे लोग हैं जिनके कारण लगता है कि उम्मीद की किरण अभी भी है। उम्मीद, कि देवभूमि को जल्द ही इस खतरनाक वायरस से छुटकारा मिलेगा और वह फिर से खिलखिला उठेगी। कोरोना के खिलाफ जंग लड़ने के लिए पहाड़ की औरतों ने कमान सम्भाल ली है। जब राज्य में संकट के बादल छा रखे हैं तब पहाड़ की औरतें दानवीर बन कर सामने आ रही हैं और गरीबों और जरूरतमंदों के लिए दान दे रही हैं। स्व. कैप्टन महिपाल सिंह गुसाईं की धर्मपत्नि 85 वर्षीय शांति देवी जी ने कोरोना वायरस (COVID-19) के संकट को देखते हुए पीएम केयर्स फंड में 01 लाख रुपये जमा कर अनूठी मिसाल पेश की है। आगे पढ़िए
आपने चमोली जिले के गौचर की देवकी दादी के बारे में तो सुना ही होगा। जी हां, श्रीमती देवकी भंडारी जिन्होंने पूरी ज़िंदगी की जमा-पूंजी दस लाख रुपये पल-भर में कोरोना पीड़ितों और भूखे पेट सो रहे गरीबों के नाम प्रधानमंत्री केयर फंड में जमा करा दी। बता दें कि गौचर में एक और दादी ने 1 लाख रुपये की धनराशि दान करके समाज के सामने उदाहरण पेश किया है। उनके इस कार्य के बाद गौचर एक बार फिर से सुर्खियां बटोर रहा है। गौचर की दादियां अपनी ज़िंदादिली का उदाहरण दे रही हैं। श्रीमती देवकी भंडारी के बाद अब पालिका के 7 नम्बर वॉर्ड में रहने वालीं श्रीमती शांति देवी गुसाईं ने भी इस संकट के समय असहाय और जरुरतमंदों के लिए 1 लाख रुपये की धनराशि पीएम फंड केयर में जमा करके मानवीयता की मिसाल पेश की है। उनका यह इंसानियत से भरा कदम सदियों तक याद रखा जाएगा और इतिहास के पन्नों में सुनहरे अक्षरों से पिरोया जाएगा।