उत्तराखंड: CM योगी की मौसी को पुलिस ने रोका, अंतिम संस्‍कार में पौड़ी गढ़वाल जा रही थीं

पुलिस द्वारा रोकने के बाद जिला प्रशासन ने उनके लिए पौड़ी तक जाने के लिए गाड़ी की व्यवस्था करवाई। पढ़िए पूरी खबर
Advertisement ऋषियों का मार्ग: केदार हिमालय के इन ट्रेक्स पर शोर नहीं, सिर्फ मंत्र सुनाई देते हैं

प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।

Example Ads Media
CM Yogi Mausi: Cm yogi mausi stopped at uttarakhand border
Image: Cm yogi mausi stopped at uttarakhand border

हरिद्वार: उत्तर प्रदेश के सीएम पौड़ी गढ़वाल के पंचूर गांव के रहने वाले हैं। उनके पिता आनंद सिंह बिष्ट के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए सहारनपुर से उनकी मौसी गांव आ रही थी। लेकिन लॉकडाउन की वजह से पुलिस ने उत्तराखंड बॉर्डर पर ही उन्हें रोक दिया। हालांकि बाद में उनके लिए स्पेशल पास जारी किया गया और पौड़ी तक भेजा गया। बताया जा रहा है कि उत्तराखंड में भगवानपुर बॉर्डर पर सीएम योगी की मौसी सरोज देवी और उनके बेटे को उत्तराखंड पुलिस ने रोक दिया और वापस भेज दिया। इसके बाद परिजनों द्वारा सहारनपुर जिला प्रशासन को यह जानकारी दी गई और उसके बाद जिला प्रशासन ने उनके लिए पौड़ी तक जाने के लिए गाड़ी की व्यवस्था करवाई। भगवानपुर पुलिस चौकी पर तैनात चौकी इंचार्ज ने उन्हें ये कहते हुए वापस लौटा दिया कि लॉकडाउन के दौरान उत्तराखंड में किसी बाहरी का प्रवेश मान्य नहीं है। आगे पढ़िए

यह भी पढ़ें - उत्तराखंड: बेटे अजय बिष्ट के लिए पिता आनंद सिंह बिष्ट ने देखा था ये सपना..अधूरी रही ख्वाहिश
सीएम योगी के मौसेरे भाई सत्येंद्र सिंह बिष्ट ने कहा इसके बाद वापस लौट आए हालांकि बाद में सहारनपुर जिला प्रशासन द्वारा अलग से जारी की गई और उन्हें गांव पहुंचाया गया। आपको बता दें कि सीएम योगी आदित्यनाथ की मौसी सरोज देवी सहारनपुर में रहती हैं। गोरखपुर के सांसद रहते हुए योगी आदित्यनाथ कई बार अपनी मौसी से मिलने उनके घर आ चुके हैं। सहारनपुर के जिलाधिकारी अखिलेश सिंह ने बताया कि पास होने के बावजूद मुख्यमंत्री योगी की मौसी सरोज देवी को उत्तराखण्ड में दाखिल होने से रोका गया था। इसके बाद उन्हें फिर से नया पास जारी किया गया। उत्तराखण्ड के अधिकारियों से बात करके समस्या सुलझा लिया। आपको बता दें कि लॉकडाउन और कोरोना वायरस की जिम्मेदारियों की वजह से सीएम योगी पहले ही अंतिम संस्कार में जाने से मना कर चुके हैं।