उत्तराखंड: ड्यूटी से गायब 147 डॉक्टरों को नोटिस, जवाब नहीं दिया तो खत्म होंगी सेवाएं

राज्य में कई सालों से ड्यूटी से गायब हो रखे गैर-जिम्मेदार डॉक्टर्स के खिलाफ प्रशासन सख्त हो गया है। ऐसे में राज्य के 147 डॉक्टर्स को नोटिस जारी किया गया है, जिसका जवाब न देने पर उनकी सेवायें समाप्त कर दी जाएंगी।
Advertisement Untouched Trekking Routes in Kedar Himalaya, Uttarakhand

Lesser-known treks offering breathtaking Himalayan views. A perfect blend of adventure, solitude, and spirituality.

Example Ads Media
Coronavirus Uttarakhand: Uttarakhand government gave notice to 147 doctor
Image: Uttarakhand government gave notice to 147 doctor

देहरादून: राज्य के ऊपर भारी संकट आन पड़ा है। इस समय राज्य के लोगों को अगर किसी की सबसे अधिक जरूरत है तो वो है चिकित्सकों की। कहते हैं जान है तो जहां है। जो जान को बचाता है वही भगवान है। इसलिए हमारे स्वास्थ्यकर्मी इस समय सब के लिए भगवान का काम कर रहे हैं। जैसे किसी के जीने और मरने की डोर भगवान के हाथ में होती है ठीक वैसे ही इस समय राज्य के सभी मरीजों के स्वास्थ्य की डोर हमारे सुरक्षाकर्मियों के हाथ में है। मगर ऐसे मुश्किल वक्त में राज्य के अंदर कुछ ऐसे गैर जिम्मेदार डॉक्टर्स हैं जो अपनी ड्यूटी नहीं निभा रहे हैं। कुछ डॉक्टर्स अपना फर्ज भूल चुके हैं और अपनी जिम्मेदारियों से मुंह मोड़ कर बैठे हैं। कल ही चमोली की डीएम स्वाति भदौरिया ने ऐसे ही गैर-जिम्मेदार डॉक्टर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। इसी के साथ उत्तराखंड स्वास्थ्य विभाग के कुल 147 डॉक्टर्स को नोटिस भेजा गया है और 15 दिन के अंदर जवाब मांगा है। आपको बता दें कि ये गैर-जिम्मेदार डॉक्टर्स अपने तैनाती स्थल से गायब हैं। प्रशासन अब ऐसे डॉक्टर्स पर सख्ती दिखा रहा है। इनमें से अधिकांश डॉक्टरों की तैनाती पर्वतीय जनपदों के अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्र में की गयी थी। आगे पढ़िए

यह भी पढ़ें - गढ़वाल में यहां बनेगा पहला मरीन ड्राइव, जानिए इस प्रोजेक्ट की खास बातें
यह डॉक्टर्स बिना किसी को सूचित किए अपने तैनाती स्थल से गायब हैं। इनमें सर्जन न्यूरो सर्जन,बाल रोग, नेत्र रोग, फिजिशियन और कार्डियोलॉजिस्ट समेत अन्य डॉक्टर्स भी शामिल हैं। इन डॉक्टर्स में से अधिकांश की तैनाती राज्य के पर्वतीय जिलों में हुई थी, लेकिन यह डॉक्टर्स तैनाती देने के कुछ महीनों के बाद से ही अपनी ड्यूटी से अनुपस्थित हैं। आपको बता दें कि अनुपस्थित डॉक्टर्स के खिलाफ पिछले साल भी विभाग ने कार्यवाही की थी और उनकी नियुक्ति को समाप्त किया था। वहीं जिन डॉक्टरों ने बॉन्ड साइन किया था उन डॉक्टरों को भी नोटिस जारी कर सरकार की ओर से फीस में दी गई रियासत को वापस लेने की कार्यवाही की गई थी। विभाग की सख्ती के बाद कुछ बॉन्ड धारी डॉक्टर्स वापस लौट आए हैं। स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ अमिता उपरेती ने बताया कि लंबे समय से बिना किसी सूचना के अनुपस्थित चल रहे डॉक्टरों को नोटिस जारी किया गया है। अगर नोटिस जारी होने की तिथि से 15 दिनों के अंदर इन डॉक्टरों ने जवाब नहीं दिया तो इन डॉक्टरों की नियुक्ति को समाप्त कर दी जाएगी।