हे प्रभु! पहाड़ में आंख मूंद कर हो रहा है काम? 6 महीने के बच्चे पर केस दर्ज कर दिया ?

लॉकडाउन-क्वारेंटाइन का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ धड़ाधड़ केस दर्ज कि जा रहे हैं। कोरोना रोकथाम के लिए ऐसा करना जरूरी भी है, लेकिन जरूरी ये भी है कि केस दर्ज करते वक्त कम से कम लिस्ट को बार पढ़ लिया जाए...
Advertisement 90% ट्रेकर्स नहीं जानते केदार हिमालय के ये सीक्रेट रूट्स

प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।

Example Ads Media
उत्तरकाशी न्यूज: Dm suspends covid-19 magistrate in uttarkashi
Image: Dm suspends covid-19 magistrate in uttarkashi

उत्तरकाशी: कोरोना को लेकर कैसा हड़कंप मचा है, ये तो आप जानते ही हैं। लॉकडाउन-क्वारेंटाइन का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ धड़ाधड़ केस दर्ज कि जा रहे हैं, कोरोना रोकथाम के लिए ऐसा करना जरूरी भी है, लेकिन जरूरी ये भी है कि केस दर्ज करते वक्त कम से कम लिस्ट को बार पढ़ लिया जाए। अब उत्तरकाशी में ही देख लें। यहां राजस्व पुलिस ने होम क्वारेंटाइन के उल्लंघन में 6 महीने के बच्चे और 3 साल की एक बच्ची के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कर लिया। जैसे ही खबर फैली प्रशासन में हड़कंप मच गया। मामले में लिपापोती भी शुरू हो गई। आनन-फानन में क्षेत्र के कोविड-19 मजिस्ट्रेट को निलंबित कर दिया गया है। आपको बता दें कि जुवेनाइल एक्ट के तहत 8 साल से कम उम्र के बच्चों पर कोई मुकदमा दर्ज नहीं हो सकता, लेकिन राजस्व पुलिस शायद इस कानून को याद रखना भूल गई। चलिए अब आपको पूरा मामला बताते हैं। लॉकडाउन के दौरान चिन्यालीसौड़ के एक गांव में पंचकुला हरियाणा से एक परिवार अपने दो बच्चों के साथ गांव लौटा था। परिवार को होम क्वारेंटाइन रहने के निर्देश दिए गए थे। आरोप है कि परिवार ने होम क्वारेंटाइन का पालन नहीं किया। आगे पढ़ लीजिए

यह भी पढ़ें - उत्तराखंड: ड्यूटी से गायब 147 डॉक्टरों को नोटिस, जवाब नहीं दिया तो खत्म होंगी सेवाएं
मामले की शिकायत डीएम तक भी पहुंची। उनके आदेश पर कलेक्ट्रेट ओसी चतर सिंह चौहान ने चिन्यालीसौड़ में होम क्वारेंटाइन का उल्लंघन करने वाले 51 लोगों के खिलाफ केस दर्ज करने के आदेश दिए। जिनमें से 4 लोग धरासू के थे। जबकि 47 लोग राजस्व क्षेत्र में रहने वाले थे। लिस्ट में जिन 47 लोगों के नाम थे उनमें एक 6 महीने का बच्चा और 3 साल की बच्ची भी शामिल थी। दोनों के माता-पिता का नाम भी लिस्ट में था। इनके खिलाफ क्वारेंटाइन का पालन ना करने और दूसरों के जीवन को खतरे में डालने का मुकदमा दर्ज किया गया। अब भला 6 महीने का बच्चा और 3 साल की बच्ची किसी की जान कैसे खतरे में डाल सकते हैं। बच्चों के खिलाफ केस दर्ज किए जाने से लोगों में गुस्सा भड़क उठा। क्षेत्र के लोगों ने इस पर कड़ी आपत्ति की। मामले की सूचना मिलते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया। डीएम डॉ. आशीष चौहान के निर्देश पर संबंधित क्षेत्र के कोविड-19 मजिस्ट्रेट गिरीश सिंह राणा को निलंबित कर दिया गया है। गिरीश सिंह राणा उत्तरकाशी में सिंचाई खंड में सहायक अभियंता के तौर पर कार्यरत हैं।