उत्तराखंड: आतंकी मुठभेड़ में पहाड़ का सपूत शहीद..सिर्फ 25 साल की उम्र में चला गया

उत्तराखंड के लाल दिनेश अतंकी मुठभेड़ में शहीद हो गया। हंदवाड़ा में आतंकियों से मुठभेड़ में सेना के अफसर समेत 5 जवान शहीद हुए हैं।
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Dinesh Singh Gaira: Almora jawan dinesh singh gaira martyr in handwara
Image: Almora jawan dinesh singh gaira martyr in handwara

अल्मोड़ा: जम्मू कश्मीर में आतंकवादियों से मुकाबला करते हुए उत्तराखंड का वीर सपूत शहीद हो गया है। ध्याड़ी क्षेत्र के मिरगांव के रहने वाले दिनेश सिंह आतंकियों से मुठभेड़ में शहीद हो गए। दिनेस की उम्र सिर्फ 25 साल थी, अभी उनका विवाह भी नहीं हुआ था। दिनेश की शहादत की सूचना मिलते ही क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। दिनेश की दो विवाहिता बहिनों में एक अब इस दुनिया में नही है। दिनेश के पिता गोधन सिंह भी भारतीय सेना से सेवानिवृत्त हुए हैं। आपको बता दें कि जम्मू कश्मीर के हंदवाड़ा के चांदमुल्ला इलाके में आतंकियों से लोहा लेते हुए कर्नल और मेजर सहित भारतीय सेना के 5 जवान शहीद हो गये थे, जिनमें से दिनेश भी एक है। 25 वर्ष की उम्र में देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले दिनेश सिंह गैड़ा की शहादत से पूरा क्षेत्र गमगीन है। गर्व मिश्रित दुख के चलते लोग कुछ भी नहीं कह पा रहे हैं,हर आंख में आंसू हैं तो हर सीना गर्व से फूला हुआ है।

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गांव के लोगों ने बताया कि मिलनसार और मृदु व्यवहार वाला दिनेश जनवरी में ही घर आया था। दिनेश की दो बहने हैं, दोनो बहिनों की शादी हो चुकी है। इस जाबांज की शहादत पर सीएम त्रिवेन्द्र सिंह रावत, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल,कांग्रेस जिलाध्यक्ष पीतांबर पांडे, डीसीबी के पूर्व प्रशांत भैसोड़ा, पूर्व बीडीसी सदस्य मदन सिंह भैसोड़ा सहित अनेक लोगों ने गहरा दुख जताया है। सीएम त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि देवभूमि अपने लाल की शहादत को कभी नहीं भूल पाएगी, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने भी अपने क्षेत्र के युवक दिनेश की शहादत पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि देशसेवा के इस शौर्य को अल्मोड़ा और प्रदेश और देश की जनता हमेशा याद रखेगी,दिनेश हमारे लिए प्रेरणा का मार्ग प्रशस्त करेंगे। बताते चले कि मुठभेड़ में दो अधिकारी सहित पांच लोग शहीद हुए हैं इसमें एक जम्मू कश्मीर पुलिस का जवान भी है।