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ऋषियों का मार्ग: केदार हिमालय के इन ट्रेक्स पर शोर नहीं, सिर्फ मंत्र सुनाई देते हैं
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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टिहरी गढ़वाल: यूपी के नौनतनवां के निर्दलीय विधायक अमनमणि त्रिपाठी 12 लोगों के साथ 3 इनोवा कारों में सवार होकर दनादन उत्तराखंड के लिए निकल पड़े। पुलिस ने रोका तो सीएम योगी के पिता के पतृ कार्य का बहाना बना लिया। हैरानी की बात ये है कि सीएम योगी के पिता के पितृ कार्य का अधिकार विधायक को किसने दिया? ये बात जरा समझ से परे है। खैर..उन्हें जहां रोका गया..वहां उन्होंने अभद्रता की। अब खबर है कि योगी सरकार ने भी साफ किया है कि ऐसा कोई अधिकार अमनमणि त्रिपाठी को नहीं दिया गया था। उधर सीएम योगी के भाई महेंद्र सिंह बिष्ट ने अमनमणि त्रिपाठी को लेकर नाराजगी जताई है। महेंद्र सिंह बिष्ट ने कहा कि अमनमणि को किस हक से पिताजी के संबंध में पूजा की परमिशन दी गई है?
सीएम योगी के भाई महेंद्र सिंह बिष्ट ने कहा कि क्या हमारे पिता जी के तीनों बेटे तमाम तरह की पूजा पाठ और पिंडदान करवाने के लिए नहीं हैं? अमनमणि होते कौन हैं? उन्होंने आगे कहा कि ‘हमारे पिता जी के नाम से पितृ कार्य करवाने वाले वो होते कौन हैं? हम फूल चट्टी में पिता जी का अस्थि विसर्जन करवा चुके हैं। देखिए एसडीएम कर्णप्रयाग ने क्या कहा..