बदरीनाथ चढ़ावा चोरी: रिटायरमेंट के 18 दिन बाद पूर्व अधिकारी गिरफ्तार, CCTV फुटेज के आधार पर SIT की कार्रवाई

बदरीनाथ मंदिर चढ़ावा हेराफेरी मामले में एसआईटी ने पूर्व मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान को सीसीटीवी फुटेज के आधार पर गिरफ्तार किया है। चार घंटे की पूछताछ के बाद हुई गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया जाएगा।
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Badrinath Temple News: Former Badrinath Temple Official Arrested in Donation Scam
Image: Former Badrinath Temple Official Arrested in Donation Scam

चमोली: उत्तराखंड के प्रसिद्ध बदरीनाथ धाम में चढ़ावा हेराफेरी मामले की जांच में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। विशेष जांच दल (SIT) ने मंदिर के पूर्व अधिकारी राजेंद्र चौहान को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तारी सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर की गई है।

Former Badrinath Temple Official Arrested in Donation Scam

जानकारी के अनुसार राजेंद्र चौहान 30 जून 2026 को मंदिर अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। उन्हें लगभग चार घंटे की लंबी पूछताछ के बाद शुक्रवार दोपहर हिरासत में लेकर गिरफ्तार किया गया। एसआईटी ने बताया कि गिरफ्तारी के बाद आरोपी को नियमानुसार न्यायिक प्रक्रिया के तहत शनिवार को संबंधित न्यायालय में पेश किया जाएगा। मामले में आगे की पूछताछ और अन्य कानूनी कार्रवाई अदालत के निर्देशों के अनुसार की जाएगी।

CCTV फुटेज में दिखीं संदिग्ध गतिविधियां

जांच अधिकारियों के अनुसार, मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग की लगातार जांच की जा रही है। आगे पढ़िए..

विशेष रूप से 22 जून और 25 जून की फुटेज का बारीकी से विश्लेषण किया गया, जिसमें कुछ लोगों की गतिविधियां संदिग्ध नजर आईं। पुलिस इन व्यक्तियों की पहचान और उनकी संभावित भूमिका की जांच कर रही है।

SIT कई पहलुओं से कर रही जांच

जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि चढ़ावा हेराफेरी में किन-किन लोगों की संलिप्तता रही और घटना किस तरह अंजाम दी गई। एसआईटी का कहना है कि उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और पूछताछ के आधार पर जांच आगे बढ़ रही है। यदि जांच में अन्य लोगों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

पहले भी मिले थे अहम साक्ष्य

इससे पहले जांच के दौरान मंदिर समिति की ओर से पुलिस को आंतरिक जांच रिपोर्ट और विभिन्न तिथियों की सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध कराई गई थी। इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर एसआईटी ने जांच का दायरा बढ़ाया और अब पूर्व मंदिर अधिकारी की गिरफ्तारी की कार्रवाई की है।