बदरीनाथ मंदिर में चढ़ावे और दान की राशि में कथित हेराफेरी के मामले में पुलिस ने 18 पन्नों की आंतरिक जांच रिपोर्ट और कई दिनों की CCTV फुटेज अपने कब्जे में ले ली है। SIT अब संदिग्धों से पूछताछ कर मामले की गहन जांच कर रही है।
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Image: Badrinath Temple Donation Case Investigation Intensifies
चमोली: उत्तराखंड के विश्व प्रसिद्ध बदरीनाथ धाम में चढ़ावे और दान की राशि में कथित हेराफेरी के मामले की जांच अहम चरण में पहुंच गई है। पुलिस ने मंदिर समिति से मिली 18 पन्नों की आंतरिक जांच रिपोर्ट और विभिन्न तिथियों की सीसीटीवी फुटेज सहित सभी महत्वपूर्ण साक्ष्य अपने कब्जे में ले लिए हैं। अब एसआईटी इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है।
Badrinath Temple Donation Case Investigation Intensifies
पुलिस को जांच के दौरान 22 जून, 25 जून, 29 जून और 2 जुलाई की सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध कराई गई है। अधिकारियों के अनुसार, फुटेज की जांच में कुछ ऐसे लोग दिखाई दिए हैं जिन्हें संदिग्ध मानते हुए उनकी पहचान कर ली गई है। अब SIT इन लोगों से पूछताछ कर यह पता लगाएगी कि उनका मामले से कोई संबंध है या नहीं।
पुलिस ने सुरक्षित किए सभी अहम साक्ष्य
बदरीनाथ थाना प्रभारी महादेव उनियाल ने बताया कि जांच से जुड़े सभी महत्वपूर्ण साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज और 18 पन्नों की आंतरिक जांच रिपोर्ट पुलिस के कब्जे में सुरक्षित हैं। आगे पढ़िए..
उन्होंने कहा कि फुटेज में दिखाई देने वाले संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान की जा चुकी है और मामले के प्रत्येक पहलू की गहनता से जांच की जा रही है। SIT अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित चढ़ावा हेराफेरी में मुख्य आरोपी प्रमोद नौटियाल के अलावा और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं। जांच का फोकस इस बात पर भी है कि दान राशि और अन्य चढ़ावे में कथित गड़बड़ी किस स्तर पर हुई और क्या इसमें किसी अन्य व्यक्ति की मिलीभगत थी।
मंदिर समिति ने जांच में सहयोग का दावा किया
श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के मुख्य कार्याधिकारी (CEO) सोहन सिंह रांगड़ ने बताया कि समिति ने अपनी 18 पन्नों की आंतरिक जांच रिपोर्ट सहित सभी उपलब्ध साक्ष्य पुलिस को सौंप दिए हैं। उन्होंने कहा कि समिति जांच एजेंसियों को पूरा सहयोग दे रही है ताकि मामले की निष्पक्ष जांच हो सके। फिलहाल मामले की जांच जारी है और सभी की नजर SIT की अंतिम रिपोर्ट पर है। यदि जांच के दौरान किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।