पहाड़ के बौंगाड़ गांव में सनसनी..चैंबर में मिले गुलदार के 3 शावक..घर से नहीं निकल रहे लोग

थल क्षेत्र के पांखू इलाके में एक गांव है बौंगाड़, जहां पानी के चैंबर में गुलदार के तीन शावक मिलने से सनसनी फैल गई। डरे हुए ग्रामीण अब घरों से बाहर तक नहीं निकल रहे...
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Peaceful and untouched trekking routes away from the crowds. Hidden trails where nature still remains raw and pure.

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Pithoragarh News: leopard cubs found in pithoragarh paankhu village
Image: leopard cubs found in pithoragarh paankhu village

पिथौरागढ़: लॉकडाउन के चलते पसरे सन्नाटे के बीच जंगली जानवर इंसानी बस्तियों में दाखिल होने लगे हैं। बस्तियों में जंगली जानवरों की चहलकदमी बढ़ने से लोग डरे हुए हैं। ऊपर दिख रही तस्वीर पिथौरागढ़ से आई है, जहां एक गांव में पानी के चैंबर में गुलदार के तीन शावक मिलने से सनसनी फैल गई। चैंबर में शावकों के होने का मतलब है कि इस इलाके में गुलदार सक्रिय है। गांव के लोग अब घर से बाहर निकलने तक से डरने लगे हैं। थल क्षेत्र के पांखू इलाके में एक गांव है बौंगाड़, यहां पानी के चैंबर में गुलदार के तीन शावक मिले। डरे हुए ग्रामीणों ने बताया कि चैंबर के पास बकरियां चराने के दौरान उनकी बकरियों पर गुलदार कई बार हमला कर चुका है। अब वन विभाग ने ग्रामीणों से कहा है कि वो इस इलाके में बकरियां ना चराएं। घटना शनिवार की है। मदन सिंह नाम का ग्रामीण चैंबर के पास बकरियां चराने गया था। तभी एक गुलदार ने उसकी बकरियों पर हमला कर दिया। बकरियां वहां से भाग गई, गुलदार भी जंगल की तरफ चला गया। आगे पढ़िए

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बाद में मदन सिंह ने इसकी सूचना ग्राम प्रधान को दी। ग्राम प्रधान और दूसरे ग्रामीण जब चैंबर के पास पहुंचे तो वहां उन्हें जो दिखा, उसे देख उनके होश उड़ गए। चैंबर में गुलदार के तीन शावक नजर आए। बाद में प्रधान की सूचना पर वन विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि गुलदार के शावक बीस दिन के लग रहे हैं। जहां गुलदार के शावक मिले हैं, वो जगह गांव से सिर्फ 50 मीटर की दूरी पर है। ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र में पिछले कई दिनों से एक मादा गुलदार घूमती नजर आ रही है। हमले के खतरे को देखते हुए वन विभाग ने इस क्षेत्र में ग्रामीणों के प्रवेश और जानवरों को चराने के लिए भेजने पर पाबंदी लगा दी है। वन विभाग ने कहा कि मादा गुलदार ने इसी क्षेत्र में शावकों को जन्म दिया है, जिसका मतलब है कि वो यहां सक्रिय रहेगी। ग्रामीणों ने बताया कि मादा गुलदार अपने तीनों शावकों को लेकर वहां से चली गई है, लेकिन गांव के करीब गुलदार के दिखने से लोग डरे हुए हैं। वन विभाग ने ग्रामीणों से पानी के चैंबर के पास ना जाने की अपील की है।