बीरोंखाल ब्लॉक (bironkhal block) ने बाहर से लौट रहे प्रवासियों के लिए सख्त नियम बनाए हैं। उम्मीद है कि पहाड़ के लोग इस ब्लॉक के लोगों से कुछ सबक लेंगे।
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अनुष्का ढौंडियाल
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Image: 14 days quarantine compulsory for migrants in bironkhal block
पौड़ी गढ़वाल: एक तरफ शहर के लोग अब भी कोरोना से बचाव में लापरवाही कर रहे हैं तो वहीं दूसरी और पहाड़ के कई गांव ऐसे भी हैं, जो coronavirus संक्रमण काल में जागरूकता की मिसाल बने हुए हैं। कोरोना से जंग में ऐसी ही शानदार मिसाल पौड़ी जिले का बीरोंखाल ब्लॉक (bironkhal block) भी पेश कर रहा है। इस ब्लॉक ने बाहर से लौट रहे प्रवासियों के लिए तगड़े नियम बनाए हैं। यहां बाहर से आने वाले लोगों को 14 दिन तक संस्थागत क्वारेंटीन में रखा जा रहा है। इन्हें गांव में तभी भेजा जाएगा, जब ये संस्थागत क्वारेंटीन अवधि पूरी कर लेंगे। बाहर से आने वाले लोगों पर नजर रखने के लिए ब्लॉक में अलग-अलग जगहों पर छह चेक पोस्ट बनाई गई हैं। पौड़ी का बीरोंखाल ब्लॉक (bironkhal block) 249 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला है। यहां 97 ग्राम सभाएं हैं। जिनमें से 78 ग्राम सभाओं में 21 मार्च से 9 मई तक 1609 लोग बाहरी राज्यों से पहुंचे हैं। शुरुआत में इन्हें होम क्वारेंटीन किया जा रहा था, लेकिन चार मई से गांवों में आने वाले प्रवासियों की संख्या बढ़ने लगी तो क्षेत्र पंचायत प्रमुख ने पूरे ब्लॉक में संस्थागत क्वारेंटीन अनिवार्य कर दिया।
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बाहर से आने वाले लोगों को बीरोंखाल (bironkhal block) के पॉलीटेक्निक कॉलेज में ठहराया जा रहा है। इनके रहने-खाने का सारा इंतजाम यहीं किया गया है। वैसे इस ब्लॉक के क्षेत्र पंचायत प्रमुख राजेश कंडारी की तारीफ करनी होगी, जिनकी पहल से ये ब्लॉक coronavirus के खतरे से अब तक बचा हुआ है। ऐसा ही आगे भी रहे इसके लिए भी पक्के इंतजाम किए जा रहे हैं। ब्लॉक प्रमुख राजेश कंडारी ने बताया कि बाहरी राज्यों से आ रहे लोगों को क्वारेंटीन सेंटर ले जाने के लिए तीन वाहन लगाए गए हैं। इसके अलावा ग्राम प्रधानों से कहा गया है कि बाहर से आने वाले लोगों को गांवों के स्कूल, पंचायत घर और महिला मिलन केंद्रों में संस्थागत क्वारेंटीन किया जाए। निजी वाहन से आ रहे लोगों पर नजर रखने के लिए देवकुंडई, सिमड़ी, कोठिला, रसिया महादेव और जिवई में चेक पोस्ट बनाई गई है। जहां पीआरडी और पुलिस के जवानों के साथ स्वास्थ्य टीम भी मौजूद है। बाहर से आने वाले लोगों को स्क्रीनिंग प्रोसेस से गुजरने के बाद ही ब्लॉक में एंट्री दी जा रही है।