उत्तराखंड से दुखद खबर..दो सगे भाईयों की नदी मे डूबने से मौत

हादसे के वक्त दोनों भाई नदी में मछलियां पकड़ रहे थे। इसी दौरान नदी में भंवर उठा जो कि दोनों भाईयों की जान लेकर ही शांत हुआ, आगे पढ़िए पूरी खबर..
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Two brothers drowned in Udham Singh Nagar river: Two brothers drown into river and died during fishing in udham singh nagar
Image: Two brothers drown into river and died during fishing in udham singh nagar

उधमसिंह नगर: ऊधमसिंहनगर के किच्छा में दो सगे भाईयों की नदी में डूबने से मौत हो गई। हादसे के वक्त दोनों नदी में मछलियां पकड़ रहे थे, इसी दौरान नदी में भंवर उठा जो कि दोनों भाईयों की जान लेकर ही शांत हुआ। युवकों की मौत से क्षेत्र में सन्नाटा पसरा है। परिवार वालों के आंसू नहीं थम रहे। पुलिस ने दोनों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं। घटना किच्छा क्षेत्र की है। जहां सिसई गांव में राजू वर्मा नाम के शख्स का परिवार रहता है। राजू वर्मा चीनी मिल में श्रमिक है। उसके तीन बेटे हैं अनुज, जय और वैभव। शुक्रवार की दोपहर तीनों ने मछली पकड़ने का प्रोग्राम बनाया और कोटखर्रा की तरफ निकल गए। शाम को अनुज गोला नदी में उतर गया, इसी दौरान नदी में भंवर उठा और अनुज उसमें फंसकर रह गया। भाई को भंवर में फंसते देख जय ने उसे बचाने के लिए नदी में छलांग लगा दी, लेकिन दोनों ही भंवर में फंसकर डूबने लगे। ये देख तीसरे भाई वैभव के होश उड़ गए। उसने तेज आवाज में शोर मचाना शुरू कर दिया, साथ ही परिजनों को भी हादसे की सूचना दी।

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वैभव का शोर सुनकर एक स्थानीय युवक लक्ष्मण वहां पहुंच गया। लक्ष्मण ने नदी में छलांग लगा दी और अनुज और जय को बाहर ले आया। दोनों बेहोश थे। बाद में दोनों को रुद्रपुर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही दोनों की मौत हो गई थी। अनुज सिर्फ 28 साल का था, जबकि जय की उम्र 26 साल थी। डॉक्टरों ने बताया कि पानी में ज्यादा देर डूबे रहने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी। जय और अनुज को ना बचा पाने का मलाल स्थानीय निवासी लक्ष्मण को भी है। लक्ष्मण ने दस साल पहले गोला नदी में डूब रहे तीन युवकों को अपनी जान पर खेल कर बचाया था। इसके लिए उसे राष्ट्रपति द्वारा जीवन रक्षा पदक से सम्मानित किया गया था। लक्ष्मण को उम्मीद थी कि इस बार भी वो जय और अनुज को बचाने में सफल हो जाएगा। लक्ष्मण दोनों को पानी से बाहर भी ले आया था, लेकिन उनकी जान बच नहीं सकी।