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No reels. No crowds. Just Kedar Himalaya - This trek doesn’t want to be famous..
Alpine meadows, dense forests, and snow-capped peaks in one journey. Suitable for both beginner and experienced trekkers.
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पौड़ी गढ़वाल: लॉकडाउन लगने के बाद से ही ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों के बीच खेती को लेकर रुझान काफी बढ़ गया है। और किसी को फायदा हुआ हो या न हुआ हो मगर उत्तराखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में लॉकडाउन के परिणाम उम्मीद जगाने वाले साबित हुए हैं। विकासखंड के कोट गांव में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिल रहा है। कोट गांव की महिलाएं आजकल सबके लिए प्रेरणा का स्त्रोत बनी हुई हैं। लॉकडाउन के दौरान कोट गांव की महिलाओं ने वर्षों से बंजर पड़े खेतों को फिर से आबाद करने की मुहिम शुरू कर दी है। उत्तराखंड में गांव से शहरों की ओर हो रहे पलायन से गांव के खेत बंजर पड़ चुके। ऐसे में कोट गांव की महिलाओं ने यह ठान लिया है कि वह अपने गांव के खेतों को फिर से हराभरा करेंगी और उनको आबाद करेंगी। अबतक कोट गांव की हिम्मती और मेहनतशील महिलाओं ने दर्जनभर से भी अधिक खेतों को आबाद कर के स्वरोजगार का जीता-जागता उदाहरण पेश किया है। वह खेतों में तरह-तरह की सब्जियों के बीज बो रही हैं। बीज बोती महिलाओं के चेहरे पर एक उम्मीद है कि लोग स्वरोजगार को अपनाएंगे और गांव में आर्थिक गतिविधियों को फिर से गति मिलेगी।