इस मामले में पज्याणा गांव के प्रधान विजय सिंह की तारीफ करनी होगी। इन्होंने अगर समझदारी ना दिखाई होती, तो कोरोना संक्रमित मरीज के बारे में किसी को कुछ पता नहीं चल पाता...आगे पढ़िए पूरी खबर
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जीतेन्द्र पंवार
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Hidden Gem Treks of Kedar Himalaya You Must Explore Once in Life
Peaceful and untouched trekking routes away from the crowds. Hidden trails where nature still remains raw and pure.
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Image: First corona positive case found in chamoli district
चमोली: समझ नहीं आ रहा, प्रवासियों के घर लौटने की खुशी मनाएं, या फिर उत्तराखंड में लगातार बढ़ रहे कोरोना संक्रमण केस का दुख। पहाड़ में कई जगह प्रवासियों का स्वागत नहीं हो रहा, इसके पीछे छिपा लोगों का डर अब सच साबित होने लगा है। कोरोना वायरस प्रवासियों के साथ पहाड़ चढ़ चुका है। पौड़ी, अल्मोड़ा, उत्तरकाशी के बाद अब चमोली में भी कोरोना संक्रमण का पहला केस सामने आया है। चमोली में कोरोना संक्रमित मिला मरीज 15 मई को दिल्ली से घर लौटा था। उसे इलाज के लिए गोपेश्वर हॉस्पिटल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया है। साथ ही युवक की पत्नी, बहन और दो बच्चों को भी जीएमवीएन गैरसैंण में क्वारेंटीन किया गया है। कोरोना संक्रमित मिला व्यक्ति गैरसैंण तहसील के पज्याणा गांव का रहने वाला है। वो दिल्ली के कप्पासेड़ा में जॉब करता था। आगे पढ़िए
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15 मई को वो टैक्सी बुक कराकर अपनी पत्नी, बहन और दो बच्चों को लेकर पज्याणा गांव पहुंचा। परिवार को पज्याणाखाल के प्राथमिक स्कूल में क्वारेंटीन रहने के लिए कहा गया था, लेकिन ये परिवार घुघलीबैंड में किसी दूसरे खाली मकान में रहने चला गया। दूसरे दिन प्रधान के कहने पर संक्रमित और उसके परिवार को प्राथमिक विद्यालय पज्याणाखाल में रखा गया। गांव के प्रधान विजय सिंह ने बताया कि संक्रमित युवक दिल्ली के जिस एरिया में रहता था, वहां से लोगों के फोन आ रहे थे, लोगों ने बताया कि दिल्ली का वह क्षेत्र कोरोना ग्रसित है। संदेह होने पर प्रधान ने युवक को जबरन 17 मई को सीएचसी गैरसैंण में स्वास्थ्य परीक्षण के लिए भेजा। वहां से मरीज का सैंपल लेकर जांच के लिए मेडिकल कॉलेज श्रीनगर गढ़वाल भेजा गया। 18 मई को मरीज के कोरोना पॉजिटिव होने की सूचना मिली। जिसके बाद सोमवार रात को ही पूरे परिवार को जीएमवीएन गैरसैंण में क्वारेंटीन कर दिया गया। वहीं कोरोना संक्रमित मरीज को गोपेश्वर के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस समय पज्याणाखाल स्कूल में 12 अन्य लोग क्वारंटीन में रखे गए हैं। जल्द ही इन्हें भी स्वास्थ्य परीक्षण के लिए गैरसैंण पहुंचाया जाएगा।