Advertisement
Triyuginarayan - World’s Most Divine Wedding Destination
Couples are choosing the sacred land of Lord Shiva’s wedding to begin their own love stories.
Example Ads Media
पौड़ी गढ़वाल: रिवर्स माइग्रेशन आज के समय में कितना ज़रूरी है यह तो हम सबको पता ही है। पहाड़ों की असली दुविधा ही पलायन है। युवा काम की तलाश में गांव छोड़कर बाहर शहरों में जाते हैं और घुट-घुट कर जीते हैं। ऐसे में स्वरोजगार की महत्ता का भी पता लगता है। कई युवा डरते हैं कि गांवों में व्यवसाय करने से उनको कोई फायदा नहीं होगा, उतना पैसा नहीं मिलेगा। मगर यह बात पूर्णतः गलत है। अगर आपके अंदर कुछ पाने की इच्छा है तो आप उस चीज को प्राप्त कर ही लेते हैं। कई युवा इस मिथ को तोड़ते हुए आगे आ रहे हैं और गांव की ओर रिवर्स माइग्रेशन कर स्वरोजगार को अपना रहे हैं। आज ऐसे ही एक युवक की कहानी राज्य समीक्षा आप सभी के समक्ष लेकर आया है जो शहर की ऐशोआराम भरी जिंदगी छोड़ कर गांव वापस लौटा और अपना व्यवसाय शुरू किया जिससे प्रतिमाह वह लगभग 60 हजार तक कमा लेते हैं। पौड़ी मुख्यालय के पौड़ी-कोटद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग पर तकरीबन 16 किलोमीटर दूर पर स्थित डांग गांव है। इसी गांव के निवासी हैं अनुज बिष्ट। पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर रह चुके अनुज बिष्ट शहर के निजी कंपनी में इंजीनियर के तौर पर कार्यरत थे। मगर उनको गांव आकर कुछ अलग करने का जुनून था। रिवर्स पलायन का रास्ता चुनकर वह गांव लौट कर आए और उन्होंने मुर्गी पालन का कार्य शुरू किया।