Advertisement
No reels. No crowds. Just Kedar Himalaya - This trek doesn’t want to be famous..
Alpine meadows, dense forests, and snow-capped peaks in one journey. Suitable for both beginner and experienced trekkers.
Example Ads Media
ऋषिकेश: ऋषिकेश एम्स की महिला डॉक्टर ने कोरोना से जंग जीत ली। कोरोना को मात देने वाली महिला डॉक्टर को अस्पताल के स्वास्थ्यकर्मियों ने गुलदस्ता भेंट कर घर भेजा। वो होठों पर मुस्कान और दिल में मजबूत हौसला लेकर घर लौटीं। अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद महिला डॉक्टर ने सभी के लिए एक भावुक संदेश दिया। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस से डरने की जरूरत नहीं है, बल्कि अपना आत्मविश्वास बढ़ाने की जरूरत है, ताकि हम कोरोना का डटकर मुकाबला कर सकें। आपको बता दें कि कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज के दौरान एम्स ऋषिकेश की महिला डॉक्टर कोरोना से संक्रमित हो गई थी। अस्पताल में कुछ दिन तक चले इलाज के बाद महिला डॉक्टर कोरोना पर जीत हासिल करने में कामयाब रहीं। शुक्रवार को डॉक्टर की कोरोना सैंपल रिपोर्ट नेगेटिव आई, जिसके बाद डॉक्टर को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
अस्पताल के साथी कर्मचारियों ने महिला डॉक्टर को फूलों का गुलदस्ता भेंट कर विदा किया। इस मौके पर अखिल भारतीय संस्थान ऋषिकेश के निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर रविकांत भी मौजूद थे। उन्होंने कहा कि कोरोना के खिलाफ जंग में हम सभी साथ हैं। एम्स के फ्रंट लाइन हेल्थ केयर वर्कर्स की मदद और सुरक्षा की जिम्मेदारी हमारी है। एम्स प्रशासन स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा के साथ-साथ मरीजों की सेवा में पूर्ण रूप से योगदान दे रहा है। आपको बता दें कि प्रदेश में कोरोना संक्रमित मरीजों का आंकड़ा 1215 हो गया है। वहीं, 344 संक्रमित मरीज इलाज के बाद घर भेजे गए हैं।