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ऋषियों का मार्ग: केदार हिमालय के इन ट्रेक्स पर शोर नहीं, सिर्फ मंत्र सुनाई देते हैं
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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चमोली: वो डरी नहीं, घबराई नहीं और नदी की तेज लहरों के बीच से अपनी मां की जिंदगी को वापस खींच लाई। यू समझ लीजिए कि मां के सामने साक्षात यमराज खड़े थे और वो बेटी अपनी मां को यमराज से भी छीन लाई। ये तस्वीर है उत्तराखंड के चमोली जिले के जोशीमठ के तपोवन की। एक बेटी ने अपनी मां को नदी के उफान के बीच बहने से बचा लिया। आखिर क्यों ना इस बेटी को वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया जाए? इस बेटी का नाम है किरण जो अपनी मां की जिंदगी में जीवन की किरण लेकर आई है। चमोली जिले की किरण के चर्चे आज सोशल मीडिया पर हर तरफ है। वजह क्या है यह भी जान लीजिए। दरअसल जोशीमठ के तपोवन में रहने वाली श्रीमती रामकली देवी अपनी बेटी किरण के साथ धौलीगंगा के आस-पास चारा लेने गई थी। अचानक रामकली देवी का पैर फिसल गया और वो नदी में गिर गई। आगे पढ़िए