चमोली जिले की DM स्वाति की मुहिम..लॉकडाउन में घर लौटे युवाओं को रोजगार से जोड़ा जाएगा

चमोली जिले के गांवों में वापस लौटे सभी प्रवासियों के लिए डीएम स्वाति भदौरिया (IAS Swati S Bhadauria) ने रोजगार के सभी जरूरी इंतजाम कर दिए हैं। चमोली की डीएम ने सभी इच्छुक प्रवासियों को मनरेगा के तहत रोजगार देने का निर्णय लिया है।
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IAS Swati S Bhadauria: IAS swati s bhadauria took good step for youth
Image: IAS swati s bhadauria took good step for youth

चमोली: सैकड़ों प्रवासी कोरोना के कारण हुए लॉकडाउन के बाद से ही शहर से गांव की ओर वापस लौट आए गए। लॉकडाउन से कोई फायदा हुआ हो या न हुआ हो मगर सालों से सूने पड़े गांवों में खुशहाली लौट आई है। लोगों की चहल-पहल फिर से दिखना शुरू हो गई है। मगर ऐसे में सबसे बड़ी चुनौती जो सामने खड़ी है वो है रोजगार की समस्या। लोग गांव में रहकर रोजी-रोटी कैसे चलाएंगे। ऐसे में जरूरत है उनको रोजगार प्रदान करने की। इस दिशा में सराहनीय प्रयास किया चमोली जिले की जिलाधिकारी स्वाति भदौरिया ने। उत्तराखंड की बेहद चर्चित डीएम स्वाति भदौरिया ने आजकल गांव की ओर लौटे सभी प्रवासियों को मनरेगा के तहत काम देने की मुहिम छेड़ रखी है। यह बेहद सराहनीय प्रयास है। डीएम स्वाति ने खंडविकास अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में अभियान चला कर गांव लौटे हर एक प्रवासी से मनरेगा के तहत कार्य करने की जानकारी जुटाने के आदेश दिए हैं। डीएम ने यह भी कहा है कि जिन-जिन प्रवासियों को रोजगार की तलाश है और वे मनरेगा में काम करने के इच्छुक हैं उनके लिए शीघ्र ही जॉबकार्ड भी बनाया जाएगा।

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मंगलवार को डीएम ने विकास भवन में सभी अधिकारियों के साथ जरूरी बैठक की एवं जिले में संचालित मनरेगा कार्यों की वित्तीय प्रगति की समीक्षा की। पिछले वर्ष चमोली जिले को मनरेगा के तहत बेहतरीन कार्य करने के लिए पूरे राज्य में प्रथम स्थान मिला था जिसपर डीएम ने जनपद की मनरेगा टीम की हौसला अफजाई करते हुए कोरोना के कारण लगे लॉकडाउन में गांव लौटे प्रवासियों को मनरेगा में रोजगार देने को भी कहा। बता दें कि जिले की 610 ग्राम पंचायतों में से 514 मनरेगा के तहत संचालित हैं। बाकी बचीं 96 ग्राम पंचायतों में भी डीएम स्वाति भदौरिया ने 3 दिनों के अंदर मनरेगा कार्य शुरू करने के निर्देश सभी बीडीओ को दे दिए हैं। वहीं मुख्य विकास अधिकारी हंसादत्त पांडेय ने बताया कि जिले में अप्रैल माह से मनरेगा के तहत 276 नए कार्य शुरू किए गए हैं एवं 957 नए पंजीकरण भी हुए हैं। साथ ही 474 लोग जिनके पास जॉब कार्ड नहीं था उनको जॉबकार्ड भी दिए गए हैं। कुल मिला कर इस समय की सबसे बड़ी जरूरत और चुनौती रोजगार ही है। लोगों के पास रोजगार होना इस समय सबसे जरूरी है जिस दिशा में डीएम स्वाति भदौरिया की मनरेगा के तहत चलाई गई यह मुहिम बेहद सराहनीय है।