डीएम स्वाति भदौरिया ने गांव की ओर लौटे सभी प्रवासियों को मनरेगा के तहत काम देने की मुहिम छेड़ी है। बता दें कि अब तक स्वरोजगार की इस मुहिम में 300 से अधिक आवेदन जिला प्रशासन के पास आ गए है-
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अनुष्का ढौंडियाल
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Image: Chamoli dm swati s bhadauria connection youth to employment
चमोली: हाल ही में आपने राज्य समीक्षा पर डीएम स्वाति भदौरिया के द्वारा रोजगार को लेकर चमोली में की जा रही व्यवस्था के बारे में पढ़ा था। ये तो सबको पता ही होगा कि सैकड़ों लोग नौकरी से हाथ धो बैठे हैं और वे अपने-अपने गांव की ओर रुख कर रहे हैं। इस समय सबसे बड़ी चुनौती रोजगार की है। ऐसे में चमोली जिले की डीएम स्वाति भदौरिया ने गांव की ओर लौटे सभी प्रवासियों को मनरेगा के तहत काम देने की मुहिम छेड़ी। खबर के मुताबिक अब तक स्वरोजगार की इस मुहिम में 300 से अधिक आवेदन जिला प्रशासन के पास आ गए हैं। डीएम स्वाति भदौरिया ने पशुपालन, मत्स्य पालन, कृषि, समाज कल्याण, डेयरी, आजीविका, साहसिक पर्यटन आदि के विभागों को विभिन्न योजनाओं के तहत संचालन करने की बात की। सभी विभागों के निर्धारित लक्ष्य के आधार पर इस समय चमोली जिले के 4814 प्रवासियों को स्वरोजगार से जोड़ा जा सकता है।
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डीएम स्वाति भदौरिया ने यह कड़े निर्देश दिए हैं कि वापस लौटे प्रवासियों को स्वरोजगार से जोड़ने हेतु सभी विभाग अपनी कार्ययोजना जल्द से जल्द तैयार करें और उसपर काम करें। डीएम स्वाति भदौरिया ने यह भी कहा कि स्वरोजगार के इच्छुक प्रवासियों को उनके व्यवसाय से जुड़ा प्रशिक्षण देने में भी जिला प्रशासन उनकी पूरी मदद करेगा। उन्होंने पशुपालन, बागवानी, सब्जी उत्पादन, होटल व्यवसाय, रिवर राफ्टिंग इत्यादि के लिए बेहतर कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र डॉक्टर एमएस सजवाण ने बताया कि बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने हेतु जिलाधिकारी की अध्यक्षता में स्वरोजगार प्रोत्साहन एवं अनुश्रवण समिति का भी गठन किया गया है। इसमें उन प्रवासियों को बैंक लोन की सुविधा दी जाएगी जो स्वरोजगार के लिए अपना व्यवसाय स्थापित करने के इच्छुक हैं। सूक्ष्म एवं मध्यम उद्योगों के विकास की योजना बनाई जानी है। स्वयं का व्यवसाय खोलने हेतु इच्छुक प्रवासी को मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के निर्माण क्षेत्र तहत उद्यम के लिए अधिकतम 25 लाख एवं सेवा व व्यवसाय क्षेत्र के लिए अधिकतम 10 लाख रुपए दिए जाएंगे। आगे भी पढ़िए
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सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग की ओर से मार्जन मनी की धनराशि अनुदान के रूप में उपलब्ध कराई जाएगी। योजना के अंतर्गत एमएसएमइ नीति में वर्गीकृत श्रेणी ए में मार्जन मनी की अधिकतम सीमा व मात्रा कुल परियोजना लागत का 25 प्रतिशत, श्रेणी बी में कुल लागत का 20 तथा श्रेणी सी व डी में कुल लागत का 15 प्रतिशत मार्जन मनी के रूप में देनी होगी। उद्यम के दो वर्ष के सफल संचालन के बाद मार्जिन मनी अनुदान के रूप में समायोजित करनी होगी। जिलाधिकारी ने कहा कि चमोली के प्रवासियों को ग्राम पंचायत अधिकारियों के द्वारा तमाम विभागीय योजनाओं की जानकारी दी जाएगी ताकि स्वरोजगार के इच्छुक प्रवासी अपनी इच्छा के अनुसार व्यवसाय स्थापित कर सकें। इसमें जिला प्रशासन उनकी पूरी मदद करेगा। कुल मिला कर चमोली का जिला प्रशासन और डीएम स्वाति भदौरिया अपने वापस लौटे प्रवासियों को रोजगार दिलाने हेतु जी-जान से प्रयास में जुटे हुए हैं।