शहीद राजेश तीन भाई-बहनों में सबसे बड़े थे और 2015 में सेना में शामिल हुए थे। गलवान में चीन के साथ हुई हिंसक झड़प में शहीद हुए राजेश की इसी महीने शादी होने वाली थी....
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कोमल नेगी
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हजारों वर्षों से जलती अखंड ज्योति के सामने सात फेरे - आस्था, परंपरा और प्रकृति का अनोखा संगम
पहाड़, मंत्र और देवभूमि का आशीर्वाद.. त्रियुगीनारायण में शादी सिर्फ एक समारोह नहीं, आध्यात्मिक अनुभव है।
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Image: Shaheed Rajesh Orang India China Conflict Galvan Valley
देहरादून: 15 जून की रात लद्दाख की गलवान घाटी में चीन और भारत के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई। 16 जून की सुबह खबर आई कि गलवान में आर्मी के एक अफसर और दो जवान शहीद हुए हैं। रात होते-होते शहीद होने वालों की असली संख्या भी सामने आ गई। सीमा पर हुए संघर्ष में भारत ने अपने 20 जांबाज गंवा दिए। इस वक्त पूरा देश सदमे में है, साथ ही चीन की हरकत को लेकर लोगों में जबर्दस्त गुस्सा है। इसी बीच शहीद होने वाले जवानों से जुड़ी कहानियां भी सामने आने लगी हैं, जो लोगों की आंखों को नम कर दे रही हैं। ऐसी ही एक कहानी है पश्चिम बंगाल के रहने वाले जवान शहीद राजेश ओरांग की। राजेश ओरांग के चचेरे भाई देवाशीष के मुताबिक राजेश ओरांग की इसी महीने शादी होने वाली थी। घर में जश्न का माहौल था। शादी की तैयारियां चल रही थीं, कि तभी राजेश की शहादत की खबर आ गई।
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राजेश ओरांग बिहार रेजीमेंट का हिस्सा थे। बिहार रेजीमेंट की कुछ दिन पहले ही गलवान घाटी में तैनाती हुई थी। गलवान में नेटवर्क संबंधी दिक्कत की वजह से परिवार और राजेश के बीच बातचीत भी नहीं हो पाती थी। राजेश ने आखिरी बार अपने भाई देवाशीष से अप्रैल महीने में बात की थी। राजेश ओरांग के पिता किसान हैं। उनकी दो बहनें हैं। एक बहन की शादी हो गई है जबकि दूसरी बहन की शादी राजेश के बाद होनी थी। परिजनों को राजेश की शहादत की खबर मंगलवार को मिली। राजेश ओरंग तीन भाई-बहनों में सबसे बड़े थे और 2015 में सेना में शामिल हुए थे। उनके शोक संतप्त पिता सुभाष ने कहा कि मेरे बेटे ने देश की सेवा की और उसके लिए अपनी जान दे दी। शहीद राजेश की मां अब भी सदमे में हैं, वो कुछ बोलने की स्थिति में नहीं हैं। लद्दाख के गलवान में हुई झड़प, पांच दशकों में चीन के साथ हुई सबसे बड़ी सैन्य झड़प है। जिससे क्षेत्र में पहले ही चल रहा सैन्य गतिरोध और बढ़ गया है।