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केदार हिमालय के ऐसे ट्रेक जहां रास्ता खुद आपको चुनता है
बुग्याल, हिमालयी वन और बर्फीली चोटियों का अद्भुत नज़ारा। आध्यात्म, रोमांच और एकांत का अनोखा संगम।
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चमोली: चारधाम यात्रा उत्तराखंड की आर्थिकी की रीढ़ है। इस साल लॉकडाउन की वजह से चारधाम यात्रा और इससे जुड़े लोगों का कारोबार प्रभावित हुआ है, लेकिन आने वाले सालों में इसके जरिए पर्यटन को रफ्तार देने की कवायद जारी है। आपदा के बाद केदारनाथ धाम और केदारघाटी नया रूप लेने लगी है। और अब केदारनाथ की तर्ज पर बदरीनाथ धाम को संवारने की तैयार चल रही है। मास्टर प्लान बनकर तैयार है। इसे पर्यटन विभाग ने कंसल्टेंसी के जरिए तैयार किया है। मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और पर्यटन मंत्री की अनुमति मिलते ही मास्टर प्लान को स्वीकृति के लिए पीएमओ ऑफिस भेजा जाएगा। प्रस्तावित मास्टर प्लान को धरातल पर उतारने में देवस्थानम बोर्ड की अहम भूमिका होगी। इसे तैयार करते वक्त स्थानीय तीर्थ पुरोहितों, हक-हकूक धारियों और स्थानीय लोगों से भी सुझाव लिए गए थे। अब मुख्यमंत्री, पर्यटन मंत्री और मुख्य सचिव की सहमति का इंतजार है। जिसके बाद मास्टर प्लान को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष रखा जाएगा। चलिए अब आपको मास्टर प्लान की खास बातें बताते हैं। आगे पढ़िए