उत्तराखंड के 10 पर्वतीय जिलों में अब 25 से 50 किलो वाट के सोलर प्लांट लगाने के लिए भी सब्सिडी देने की तैयारी चल रही है। उत्तराखंड के 10 से 15 हजार युवाओं को इसके जरिए रोजगार देने के लक्ष्य पर भी तैयारी जोरों-शोरों से चल रही है।
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अनुष्का ढौंडियाल
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Image: Solar plant scheme for youth of Uttarakhand
देहरादून: कोरोना काल के बीच एक बेहद अच्छी खबर उत्तराखंड से आ रही है। बेरोजगारी के इस दौर में स्वरोजगार के पथ पर आगे बढ़ने के लिए युवाओं को हर तरीके से मदद कर प्रोत्साहन देने की तैयारी है। ऐसे में एक और सराहनीय मुहिम की शुरुआत राज्य में होने जा रही है। बता दें कि उत्तराखंड के 10 पर्वतीय जिलों में अब 25 से 50 किलो वाट के सोलर प्लांट लगाने के लिए भी सब्सिडी देने की तैयारी चल रही है। यह आइडिया वाकई बहुत शानदार है और जल्द ही इस पर अमल भी होगा। इससे युवा आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर होंगे। इसके लिए ऊर्जा विभाग को एक हफ्ते में तैयारी करने के निर्देश भी दिए गए हैं, जिसके बाद इस प्रस्ताव को कैबिनेट में मंजूरी दी जाएगी। इसी के साथ ऊर्जा विभाग के तहत सौर ऊर्जा की इस योजना को मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना से जोड़ा जाएगा। हमारे उत्तराखंड के 10 से 15 हजार युवाओं को स्वरोजगार देने का लक्ष्य बनाने की भी तैयारी जोरों-शोरों से चल रही है।
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सोलर प्लांट का यह ड्रीम प्रोजेक्ट मुख्यमंत्री के लिस्ट में काफी पहले से शुमार है। बता दें कि इस योजना के तहत अभी तक कम से कम 100 किलो वाट तक का प्लांट लगाने का प्रावधान था मगर अब मुख्यमंत्री और सहकारिता मंत्री द्वारा छेड़ी गई पहल पर इस योजना में कुछ जरूरी बदलाव किए जा रहे हैं। अब 100 किलोवाट के साथ 25 और 50 किलोवाट तक के सोलर प्लांट्स को लगाने के लिए भी मंजूरी मिलेगी। बीते बुधवार को शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक व सहकारिता राज्य मंत्री डॉक्टर धन सिंह रावत ने उद्योग विभाग, ऊर्जा विभाग एवं सहकारी बैंक के अधिकारी एवं वैकल्पिक ऊर्जा के साथ इस पर एक गहन चर्चा की। विचार-विमर्श के दौरान सभी विभागों के अधिकारियों ने इस प्रोजेक्ट को लेकर काफी उत्साह दिखाया और सबने इस पहल की सराहना की। मदन कौशिक ने कहा है कि राज्य सरकार ने 25 से 50 किलो वाट की सोलर ऊर्जा के संयंत्र स्थापित कर, प्रदेश के 10 से 15 हजार युवाओं को स्वरोजगार देने का लक्ष्य बनाया है। इसके लिए अधिकारियों को शीघ्र ही एक प्रस्ताव तैयार करने के लिए कहा गया है। यह इसलिए भी बहुत जरूरी है क्योंकि बेरोजगारी के इस दौर में उत्तराखंड में स्वरोजगार की बेहद जरूरत है। ऐसे में सरकार हर तरीके से अपने युवाओं को स्वावलंबी बनाना चाहती है। डॉक्टर धन सिंह रावत ने कहा है कि सोलर ऊर्जा के संयंत्र को स्थापित करें प्रतिमाह 10 से 15 हजार तक की आय प्राप्त हो सकती है।
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इस योजना को सफल बनाने हेतु राज्य सरकार का पूरा साथ दे रहा है सहकारी बैंक। बैंक युवाओं को 25 किलोवाट तक की परियोजना के लिए तकरीबन 20 लाख तक का एं 15 वर्षों तक देने को तैयार है ताकि युवा आसानी से किस्तों में लोन चुकता कर सकें। इस सौर ऊर्जा योजना में 25 से 50 किलोवाट तक के प्लांट लगाने की मंजूरी मिलने से अधिक से अधिक लोग लाभान्वित हो पाएंगे और इससे जुड़ पाएंगे। ऐसा इसलिए क्योंकि इससे प्लांट की लागत भी कम हो जाएगी जिससे बैंक के लोन मिलने में भी लोगों को काफी आसानी रहेगी। सहकारी बैंक से लोन लेकर यह प्लांट स्थापित कर बहुत से युवा आत्मनिर्भर बन सकते हैं। अभी तक 100 किलोवाट के प्लांट लगाने का ही प्रावधान था मगर अब 25 से 50 किलोवाट तक के प्लांट्स में कम धनराशि की जरूरत पड़ेगी जिससे बैंक से लोन लेने में युवाओं को कोई परेशानी नहीं आएगी। कुल मिला कर राज्य सरकार का यह कदम बेहद सराहनीय है और आशा है कि उनके द्वारा युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की यह कोशिश भविष्य में सफल होगी।