ये वीडियो और ये कहानी रेड एफएम के आरजे काव्य ने खास शो ‘एक पहाड़ी ऐसा भी’ के सीजन-3 के लिए तैयार की है। आप भी जरूर देखिए
-
कोमल नेगी
-
Advertisement
Cheapest Chardham Yatra 2026 Package? The Price Will Shock You!
Planning Chardham in 2026? These 5 Packages Are Getting Booked Fast
Example Ads Media
Image: RJ poetry show on teacher Pushpendra Singh Bisht
चमोली: रेड एफएम के आरजे काव्य एक बार फिर से अपने नए एपिसोड के साथ तैयार हैं। इस बार कहानी ज्यादा बेहतर और ज्यादा प्रेरणादायक है। लॉकडॉउन के दौरान पुष्पेंद्र सिंह बिष्ट चमोली स्थित अपने घर नहीं लौट सके। तब उन्होंने इस वक्त का बेहतर इस्तेमाल करने की ठानी। उनके प्रयास से स्कूल की हर दीवार अब ज्ञान की नई कहानी कह रही है...चीन से शुरू होकर दुनियाभर में फैले कोरोना वायरस संक्रमण को करीब छह महीने होने को हैं। अनिश्चितताओं से भरे इस दौर में दुनिया बहुत हद तक बदल गई है। लोगों को इंतजार है तो बस इस बात का, कि जल्दी से यह संकट टले और सब कुछ पहले जैसा सामान्य हो जाए। हालांकि इस सच से भी मुंह नहीं मोड़ा जा सकता है लॉकडाउन के कुछ फायदे भी हुए हैं। उत्तराखंड में लोगों ने लॉकडाउन के दौरान सेवा की ऐसी सच्ची कहानियां लिख डालीं, जिनकी मिसाल सालों तक दी जाएगी। एक ऐसी ही कहानी नैनीताल के शिक्षक पुष्पेंद्र सिंह बिष्ट की भी है। जिन्होंने लॉकडाउन के दौरान मिले वक्त को अवसर में बदल कर अपने स्कूल की तस्वीर बदल दी। आगे देखिए वीडियो
यह भी पढ़ें - खुशखबरी...उत्तराखंड में 2231 लोगों ने कोरोना को हराया, स्वस्थ होकर घर लौटे..देखिए नई लिस्ट
शिक्षक पुष्पेंद्र सिंह बिष्ट ने लॉकडाउन के दौरान अपने स्कूल की दीवारों को कैनवास बनाकर, उस पर सकारात्मक ऊर्जा के साथ आगे बढ़ने के संदेश लिखे। शिक्षक पुष्पेंद्र सिंह बिष्ट को पेंटिग में महाराथ हासिल है। स्कूल में जब भी कोई समारोह होता तो वो ब्लैक बोर्ड पर पेंटिंग बनाकर बच्चों को उस खास दिन का महत्व बताते थे। ये देख एक दिन स्कूल के प्रिंसिपल ने उन्हें स्कूल की दीवारों पर ज्ञानवर्धक पेंटिंग्स बनाने का सुझाव दिया, ताकि बच्चे चित्रों को देखकर जीवन का पाठ पढ़ सकें। पुष्पेंद्र सिंह बिष्ट को आइडिया पसंद आया, लेकिन पेंटिंग बनाने के लिए समय नहीं मिला। ये समय और मौका उन्हें लॉकडाउन के दौरान मिला। लॉकडॉउन के दौरान पुष्पेंद्र सिंह बिष्ट चमोली स्थित अपने घर नहीं लौट सके। तब उन्होंने इस वक्त का बेहतर इस्तेमाल करने की ठानी। घर स्कूल के पास ही था। इसलिए आने-जाने में परेशानी भी नहीं हुई।
यह भी पढ़ें - उत्तराखंड: चीन सीमा पर 3 सड़कों के निर्माण को मंजूरी, सेना के जवानों को मिलेगी राहत
पहाड़ के सरकारी स्कूल में सेवा देने वाले इस शिक्षक ने दीवारों को ही कैनवास बना लिया और इस कैनवास पर सकारात्मक सोच और ज्ञान की कई कहानियां लिख डालीं। कहीं सोशल मैसेज लिखे तो कहीं देश-दुनिया की जानकारी। रंग-बिरंगी तस्वीरों से सजी हर दीवार अब बोलते हुए प्रतीत हो रही है। शिक्षक पुष्पेंद्र सिंह बिष्ट कहते हैं कि बच्चों को सिर्फ किताबों से बांधकर रखना सही नहीं है। मैं चाहता था कि बच्चे जब लॉकडॉउन के बाद स्कूल लौटें तो उन्हें उनका स्कूल नए कलेवर में दिखे। स्कूल का ये नया रूप उनके लिए मेरी तरफ से सरप्राइज होगा। राज्य समीक्षा टीम शिक्षक पुष्पेंद्र और उनके जैसे क्रिएटिव शिक्षकों को सलाम करती है। ऐसी कोई कहानी आपके पास हो, तो हमसे जरूर शेयर करें। चलिए अब आपको शिक्षक पुष्पेंद्र सिंह बिष्ट के प्रयासों पर तैयार एक शानदार वीडियो दिखाते हैं। जिसे रेडियो चैनल रेड एफएम के आरजे काव्य ने रेड एफएम के खास शो ‘एक पहाड़ी ऐसा भी’ के सीजन-3 के लिए तैयार किया है। आगे देखें वीडियो
EK PAHADI AISA BHIEK PAHADI AISA BHI
Season 3 : Ep 04 : Pushpendra Singh Bisht ☺️
RJ Kaavya @RedFm
Presnted By UPES @ArunDhand
Art work by Agam Johar Arts
#EkPahadiAisaBhi #CoronaHeroes
Posted by RJ Kaavya on Sunday, June 28, 2020