अंकिता भंडारी ऑडियो-वीडियो विवाद मामले में पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर गिरफ्तार। कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा। फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार, उर्मिला सनावर की भूमिका की भी जांच जारी।
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Image: Former BJP MLA Suresh Rathore Arrested in Ankita Bhandari Audio-Video Case
देहरादून: अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े कथित ऑडियो-वीडियो प्रकरण में नामजद पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। अदालत ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है। मामले में नामजद अभिनेत्री उर्मिला सनावर की भूमिका की भी जांच जारी है। इस कार्रवाई के बाद अंकिता भंडारी मामले में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है।
Former BJP MLA Suresh Rathore Arrested in Ankita Bhnadari Audio-Video Case
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र डोबाल के अनुसार, 5 जनवरी को भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री एवं उत्तराखंड प्रभारी दुष्यंत गौतम की ओर से डालनवाला कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि पूर्व विधायक सुरेश राठौर और अभिनेत्री उर्मिला सनावर ने कुछ राजनीतिक दलों के साथ मिलकर सुनियोजित तरीके से कथित झूठे और मनगढ़ंत ऑडियो-वीडियो तैयार किए और उन्हें सोशल मीडिया तथा इंटरनेट प्लेटफॉर्म पर प्रसारित किया। आरोप था कि इन सामग्रियों के जरिए भारतीय जनता पार्टी और उसके वरिष्ठ नेताओं की छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया।
सामाजिक तनाव फैलाने की साजिश का भी आरोप
शिकायत में यह भी कहा गया कि कथित ऑडियो-वीडियो के प्रसारण का उद्देश्य प्रदेश में सामाजिक तनाव पैदा करना और कानून-व्यवस्था को प्रभावित करना था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू की थी। जांच के दौरान डिजिटल और तकनीकी साक्ष्यों को एकत्र किया गया तथा विभिन्न पहलुओं की पड़ताल की गई।
साक्ष्यों के आधार पर बढ़ाई गईं धाराएं
एसएसपी प्रमेन्द्र डोबाल ने बताया कि विवेचना के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर सुरेश राठौर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 308(6) सहित अन्य संबंधित धाराएं भी जोड़ी गईं। पुलिस ने रविवार रात उन्हें दून-दिल्ली हाईवे पर बिहारीगढ़ फ्लाईओवर के पास से गिरफ्तार किया। सोमवार को न्यायालय में पेश किए जाने के बाद अदालत ने उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेजने के आदेश दिए।
फोरेंसिक जांच रिपोर्ट से खुल सकते हैं नए राज
मामले में अब पुलिस को कथित ऑडियो और वीडियो की फोरेंसिक जांच रिपोर्ट का इंतजार है। जांच एजेंसियों का मानना है कि रिपोर्ट आने के बाद कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार यदि फोरेंसिक जांच में नए साक्ष्य मिलते हैं तो आरोपियों के खिलाफ अतिरिक्त धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं। जांच एजेंसियां डिजिटल साक्ष्यों और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड की बारीकी से जांच कर रही हैं।
उर्मिला सनावर की भूमिका भी जांच के दायरे में
मामले में नामजद अभिनेत्री उर्मिला सनावर की भूमिका की भी जांच जारी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी तरह तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है। किसी भी व्यक्ति की भूमिका के संबंध में अंतिम निष्कर्ष जांच और फोरेंसिक रिपोर्ट के बाद ही सामने आएंगे।
ऑडियो-वीडियो वायरल होने के बाद मचा था राजनीतिक विवाद
गौरतलब हो कि जनवरी में कथित ऑडियो-वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद उत्तराखंड की राजनीति में बड़ा विवाद खड़ा हो गया था। विभिन्न राजनीतिक संगठनों और सामाजिक समूहों ने इस मामले को लेकर विरोध प्रदर्शन भी किए थे। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए बाद में पूरे प्रकरण की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को भी सौंपी गई थी। अब ऑडियो-वीडियो प्रसारण से जुड़े मुकदमे में पुलिस की यह कार्रवाई एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम मानी जा रही है।
फिलहाल पूरे मामले में पुलिस और जांच एजेंसियां तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही हैं। फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद मामले में नए खुलासे और कानूनी कार्रवाई की संभावना से इंकार नहीं किया जा रहा है।