ऋषिकेश में गंगा नदी में स्नान के दौरान दिल्ली के युवा दंपती मनीष आर्य और जानकी तेज बहाव में बह गए। SDRF और डीप डाइविंग टीम द्वारा सर्च ऑपरेशन जारी है, लेकिन देर शाम तक कोई सुराग नहीं मिला।
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Image: Couple drowns while bathing in Ganga
ऋषिकेश: उत्तराखंड के योग नगरी ऋषिकेश से एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। दिल्ली से देवभूमि घूमने आए एक युवा दंपती गंगा नदी में स्नान के दौरान तेज बहाव की चपेट में आकर लापता हो गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों के साथ-साथ एसडीआरएफ (SDRF) की टीम ने तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। देर शाम तक दोनों का कोई सुराग नहीं मिल सका।
Couple drowns while bathing in Ganga
जानकारी के अनुसार, दिल्ली के उत्तम नगर निवासी मनीष आर्य (30) और उनकी पत्नी जानकी (28) अपने कुछ साथियों के साथ ऋषिकेश घूमने आए थे। रविवार शाम वे चन्द्रेश्वर नगर श्मशान घाट के समीप गंगा तट पर पहुंचे और स्नान करने लगे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, स्नान के दौरान दोनों अचानक गंगा की गहराई और तेज जलधारा की चपेट में आ गए। देखते ही देखते दोनों बहाव में फंस गए और नदी में लापता हो गए। दंपती को बहता देख उनके साथ मौजूद एक युवक ने उन्हें बचाने के लिए बिना देर किए गंगा में छलांग लगा दी। हालांकि तेज बहाव के कारण वह स्वयं भी मुश्किल में पड़ गया। घटनास्थल पर मौजूद स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए युवक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन तब तक मनीष और जानकी नदी की गहराइयों में ओझल हो चुके थे।
SDRF और डीप डाइविंग टीम ने चलाया सर्च अभियान
घटना की सूचना मिलते ही त्रिवेणी घाट पर तैनात एसडीआरएफ की वाटर रेस्क्यू टीम तत्काल मौके पर पहुंची। टीम ने नदी के विभिन्न हिस्सों में खोज अभियान शुरू किया। आगे पढ़िए..
एसडीआरएफ निरीक्षक कविंद्र सजवाण के अनुसार, स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ढालवाला पोस्ट से डीप डाइविंग टीम को भी स्कूबा उपकरणों के साथ बुलाया गया। गोताखोरों ने लगभग दो घंटे तक नदी की गहराइयों में सघन तलाश अभियान चलाया, लेकिन देर शाम तक दंपती का कोई सुराग नहीं मिल पाया।
गंगा के तेज बहाव को लेकर प्रशासन की अपील
मानसून पूर्व गंगा नदी में जलस्तर और बहाव लगातार बदल रहे हैं। प्रशासन ने श्रद्धालुओं और पर्यटकों से अपील की है कि वे निर्धारित सुरक्षित स्थानों पर ही स्नान करें और चेतावनी संकेतों की अनदेखी न करें। विशेषज्ञों का कहना है कि गंगा के कई घाटों और किनारों पर अचानक गहराई बढ़ जाती है, जिससे पर्यटक अक्सर हादसों का शिकार हो जाते हैं। घटना की सूचना मिलते ही दंपती के परिजनों को जानकारी दे दी गई है। वहीं उनके साथ आए दोस्तों और स्थानीय लोगों में भी चिंता का माहौल बना हुआ है। प्रशासन और एसडीआरएफ की टीम लगातार खोज अभियान में जुटी हुई है।
पर्यटन के बीच बढ़ रहे नदी हादसे
ऋषिकेश और आसपास के क्षेत्रों में हर वर्ष बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। हालांकि कई बार सुरक्षा नियमों की अनदेखी और नदी के तेज बहाव को हल्के में लेने के कारण इस प्रकार के हादसे सामने आते रहते हैं। यह घटना एक बार फिर पर्यटकों को सतर्क रहने का संदेश दे रही है।