ऊधमसिंहनगर जिले के खुरपिया और पराग फार्म को औद्योगिक गलियारे से जोड़ा जाएगा। जिसके लिए केंद्र सरकार को तीन हजार एकड़ जमीन दी जाएगी।
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कोमल नेगी
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Image: Industrial corridor will be built in Udham Singh Nagar
उधमसिंह नगर: राज्य गठन के बाद प्रदेश में औद्योगिक निवेश बढ़ा है, औद्योगिक विकास की रफ्तार बढ़ी है। ग्रोथ सेंटर, पर्यटन एवं वेलनेस, कृषि आधारित फूड प्रोसेसिंग जैसे तमाम क्षेत्रों को चिह्नित कर राज्य सरकार निवेशकों को प्रोत्साहित कर रही है। प्रदेश में उद्योग लगने और निवेश के साथ रोजगार की संभावनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। इसी कड़ी में एक और अच्छी खबर आई है। उत्तराखंड के ऊधमसिंहनगर जिले में औद्योगिक गलियारा बनेगा। जिसके जरिए उत्तराखंड सरकार प्रदेश में विनिर्माण यानी मैन्यूफैक्चरिंग के क्षेत्र में कदम बढ़ाएगी। योजना को केंद्र सरकार के सहयोग से धरातल पर उतारा जाएगा। जिले के खुरपिया और पराग फार्म को औद्योगिक गलियारे से जोड़ा जाएगा। जिसके लिए केंद्र सरकार को तीन हजार एकड़ जमीन दी जाएगी।
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औद्योगिक गलियारा स्थापित करने और इस क्षेत्र को विकसित करने का पूरा खर्च केंद्र सरकार उठाएगी। चीन के साथ हुए सीमा विवाद के बाद देश में कैसे हालात बने हैं, ये तो आप जानते ही हैं। सरकार इस समय आत्मनिर्भर भारत की दिशा में काम कर रही है। इसी कड़ी में उत्तराखंड में मैन्यूफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए औद्योगिक गलियारा बनाया जाएगा। जिसके जरिए यहां दूसरे देशों से निवेश को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। खासकर वो देश जो अब तक मैन्यूफैक्चरिंग का काम चीन में करा रहे थे, उन कंपनियों को भारत में लाने की योजना पर काम चल रहा है। मैन्यूफैक्चरिंग के मामले में अगर चीन को मात देनी है तो इसके लिए देश के हर हिस्से में औद्योगिक विकास करने की जरूरत है। ऐसे में केंद्र की नजरें उन राज्यों पर हैं, जो अब तक औद्योगिक रूप से पिछड़े हुए हैं। इन राज्यों में उत्तराखंड भी शामिल है।
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औद्योगिक रूप से निचले पायदान वाले छह राज्यों में से एक अपना उत्तराखंड है। यहां औद्योगिक विनिर्माण समूह विकसित करने की योजना पर लंबे समय से काम चल रहा है, लेकिन योजना धरातल पर अब तक नहीं उतर पाई। इसके पीछे एक बड़ी वजह जमीन का ना मिलना है। प्रदेश सरकार के पास खुरपिया और पराग फार्म में एक हजार हेक्टेयर जमीन है। जिसे औद्योगिक गलियारे के लिए दिया जाएगा। इसके साथ ही एक स्पेशल पर्पज व्हीकल का गठन किया जाना है। जिसमें प्रदेश और केंद्र सरकार के प्रतिनिधि होंगे। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि जमीन को केंद्र को हस्तांतरित करने का मसला जल्द ही कैबिनेट में लाए जाने की संभावना है। ऊधमसिंहनगर जिले में उद्योग लगाने के लिए पर्याप्त जमीन है। निवेशकों की सहूलियत का ध्यान रखा गया है। इसके अलावा हरिद्वार में भी नया औद्योगिक क्षेत्र बनाया जा रहा है। जिससे उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।