विज्ञान की जिन थ्योरिज को बच्चे सिर्फ किताबों में पढ़ते थे, अब उन्हें साइंस पार्क में देखकर इनके बारे में और गहराई से जान सकेंगे। जिले की डीएम स्वाति एस भदौरिया ने छात्रों के लिए जो शानदार काम किया है, उसे हमेशा याद रखा जाएगा...
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अनुष्का ढौंडियाल
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Image: Science Park in Chamoli District
चमोली: अंतरिक्ष का अद्भुत संसार, एस्ट्रोफिजिक्स, स्ट्रिंग थ्योरी और तारों को करीब से महसूस करना...विज्ञान में रुचि रखने वाला हर छात्र इनकी कल्पनाओं में डूबा रहता है। और ये कल्पनाएं ही होती हैं, जो छात्रों को आगे बढ़ने...सपनों को सच कर दिखाने का हौसला देती हैं। छात्रों का ये कल्पना संसार चमोली जिले में हकीकत की शक्ल ले चुका है। जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया की खास पहल पर प्रदेश के इस दूरस्थ जनपद के स्कूली बच्चों एवं विज्ञान में रुचि रखने वालों के लिए कोठियालसैंण, गोपेश्वर में आज से साइंस पार्क का विधिवत शुभांरभ हो गया है। जिले के कोठियालसैंण में साइंस पार्क का निर्माण किया गया है। छात्र विज्ञान की जिन थ्योरिज को किताबों में पढ़ते थे, अब उन्हें साइंस पार्क में देखकर इनके बारे में और गहराई से जान सकेंगे। अंबेडकर भवन में बने आकर्षक साइंस पार्क का उद्घाटन शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि बच्चों को किताबों की बजाय प्रैक्टिकल कर के सिखाना ज्यादा अच्छा प्रयोग है। इससे बच्चे साइंस और गणित के सिद्धातों को आसानी से समझ सकेंगे।
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शिक्षा मंत्री ने कहा कि साइंस की बेसिक बातों को हम सबको सीखना और समझना चाहिए। उन्होंने साइंस पार्क के निर्माण के लिए जिला प्रशासन की तारीफ भी की। कोठियालसैंण में साइंस पार्क की स्थापना का श्रेय यहां की डीएम स्वाति एस भदौरिया को जाता है। डीएम स्वाति एस भदौरिया की गिनती प्रदेश के कर्मठ और ईमानदार अफसरों में होती है। ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के साथ-साथ वो छात्रों के कल्याण के लिए लगातार प्रयासरत रही हैं। उनकी पहल पर कोठियालसैंण के अंबेडकर भवन में साइंस पार्क का निर्माण किया गया। अब यहां आने वाले बच्चे विज्ञान को किताबों के साथ-साथ व्यवहारिक तौर पर भी समझ सकेंगे, उसका महत्व जान सकेंगे। साइंस पार्क में बच्चों को विज्ञान से प्रैक्टिकली जोड़ने के लिए बिरला साइंस म्यूजिम हैदराबाद की मदद से साइंस उपकरणों की प्रदर्शनी लगाई गई है।
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यहां 31 साइंस उपकरणों के माध्यम से बच्चों को साइंस के सिद्धांत बताए जा रहे हैं। जिसमें ग्रेविटी क्रिएशन, लाईट, इल्यूजन, रिफ्लेक्शन, पेंडुलम, एनर्जी, न्यूटन लॉ एक्शन एंड रिएक्शन शामिल हैं। इसके अलावा छात्रों को आर्कमिडीज प्रिंसिपल, पाइथॉगोरस और ब्लैक होल के बारे में भी जानकारी दी जा रही है। अभी स्कूल नहीं खुलें हैं, लेकिन जब भी जिले के स्कूल खुलेंगे तब छात्रों के लिए इस साइंस पार्क में आना किसी शानदार सरप्राइज से कम नहीं होगा। यहां छात्रों को शैक्षिक भ्रमण कराया जाएगा। बच्चे यहां साइंस के सिद्धातों को समझने के साथ-साथ खुद इनोवेशन भी कर सकेंगे। साइंस पार्क में दुनिया के महान वैज्ञानिकों की पोस्टर प्रदर्शनी लगाई गई है। जिसमें वैज्ञानिक खोज के बारे में जानकारी दी गई है। साइंस पार्क का निर्माण जिला प्रशासन की पहल पर ग्रामीण निर्माण विभाग ने कराया, जिस पर 35 लाख रुपये की लागत आई।