कुंभ की तैयारियों के बीच मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने महाकुंभ-2021 (Haridwar Mahakumbh 2021) के शाही स्नान की तिथियों का ऐलान कर दिया। साल 2021 में होने वाले महाकुंभ का पहला शाही स्नान 11 मार्च 2021 को होगा...
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कोमल नेगी
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Image: Preparations for Haridwar Mahakumbh 2021
हरिद्वार: प्रदेश में कोरोना और लॉकडाउन के चलते रुके निर्माण कार्य एक बार फिर से रफ्तार पकड़ने लगे हैं। राज्य सरकार के साथ-साथ पुलिस ने भी हरिद्वार महाकुंभ-2021 की तैयारियां शुरू कर दी हैं। महाकुंभ की तैयारियों का स्तर आने वाले समय में कोरोना की स्थिति पर निर्भर करेगा। बुधवार को डीजीपी अनिल रतूड़ी ने पुलिस मुख्यालय में हुई बैठक में महाकुंभ की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में पुलिस और अन्य फोर्स की तैनाती और ट्रेनिंग के मॉडल पर भी चर्चा की गई। बैठक के बाद डीजी कानून व्यवस्था अशोक कुमार ने बताया कि कुंभ मेले में 10 करोड़ श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसी को ध्यान में रखते हुए मेले की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। महाकुंभ के दौरान सुरक्षा और ट्रैफिक में करीब 20 हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी।
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पुलिस मुख्यालय में हुई समीक्षा बैठक में कुंभ के दौरान अस्थाई चौकियां, जल चौकियां, संचार व्यवस्था और फायर व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। कुंभ की तैयारियों के बीच मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने महाकुंभ-2021 के शाही स्नान की तिथियों का भी ऐलान कर दिया है। संतों के साथ दो घंटे तक चली बैठक के बाद शाही स्नान की तिथियां निकाली गईं। साल 2021 में होने वाले महाकुंभ का पहला शाही स्नान 11 मार्च 2021 को होगा। इस दिन महाशिवरात्रि है। दूसरा शाही स्नान 12 अप्रैल 2021 को सोमवती अमावस्या के दिन होगा। तीसरा शाही स्नान 14 अप्रैल 2021 को बैशाखी के दिन संपन्न होगा। जबकि चौथा शाही स्नान 27 अप्रैल 2021 को चैत्र पूर्णिमा के अवसर पर होगा। महाकुंभ की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री ने संतों के साथ मुलाकात की थी।
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सीसीआर में दो घंटे चली बैठक के बाद शाही स्नान की तिथियों का ऐलान किया गया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को महाकुंभ के कामों को गुणवत्ता के साथ समय पर पूरा करने के निर्देश भी दिए। बता दें कि कोरोना के चलते बने हालात की वजह से महाकुंभ के आयोजन पर भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं। हालांकि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत कह चुके हैं कि अभी सरकार तय समय पर आयोजन की तैयारी में जुटी है। महाकुंभ के लिए फरवरी में परिस्थितियों का फिर से आंकलन किया जाएगा। मार्च में स्नान होने हैं, जिसको लेकर सरकार तैयारी कर रही है। अखाड़ा परिषद ने भी हर तरह से सहयोग का आश्वसन दिया है। परिस्थितियां अनुकूल नहीं रहीं तो भी अखाड़ा परिषद पूरा सहयोग करने को तैयार है।