खेतों में टिड्डी दल दिखने से किसान डरे हुए हैं। उन्हें अपनी फसल की चिंता सता रही है। वहीं कृषि विभाग ने तुरंत एक्शन लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में टिड्डी दलों को भगाने के प्रयास शुरू कर दिए हैं...
-
कोमल नेगी
-
Advertisement
Hidden Gem Treks of Kedar Himalaya You Must Explore Once in Life
Peaceful and untouched trekking routes away from the crowds. Hidden trails where nature still remains raw and pure.
Example Ads Media
Image: Locust attack in Uttarakhand
चम्पावत: आखिर वही हुआ, जिसकी आशंका लंबे समय से जताई जा रही थी। रुद्रपुर जिले में टिड्डी दल नजर आए हैं। जिन गांवों में टिड्डी दल मंडराते दिखे, वो यूपी की सीमा से सटे हैं। यूपी टिड्डी दलों के हमले से प्रभावित है और अब टिड्डी दल का अगला टारगेट उत्तराखंड है। खेतों में टिड्डी दल दिखने से किसान डरे हुए हैं। उन्हें अपनी फसल की चिंता सता रही है। वहीं कृषि विभाग ने तुरंत एक्शन लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में टिड्डी दलों को भगाने के प्रयास शुरू कर दिए हैं। ड्रोन, स्प्रे के साथ-साथ फायर ब्रिगेड की मदद से टिड्डी दलों पर काबू पाने की कोशिशें जारी है। खटीमा और सितारगंज में भी टिड्डी दलों के हमले की खबर है। शुक्रवार को रुद्रपुर में यूपी की सीमा से सटे कुछ गांवों में अचानक टिड्डी दल नजर आने लगे। जिससे किसानों में हड़कंप मच गया।
यह भी पढ़ें - कोरोनावायरस: उत्तराखंड में अब तक 51 लोगों की मौत..देखिए हर जिले के आंकड़े
यहां यूपी-उत्तराखंड की सीमा पर स्थित गांव करीमगंज और मन्वपट्टी में टिड्डी दल के अटैक के बाद कृषि विभाग बरेली के अधिकारी मौके पर पहुंचे और फसल बचाने की कवायद शुरू कर दी। कृषि और अन्य विभागों के अफसर आधी रात से लेकर दिन भर गांवों में दौड़ते रहे। अधिकारी किसानों के साथ मिलकर अपने इलाके में टिड्डी दल भगाने में लगे रहे। किच्छा क्षेत्र में भी टिड्डियों ने किसानों की फसल बर्बाद कर दी। जिसकी सूचना विधायक राजेश शुक्ला ने आयुक्त कुमाऊं अरविंद सिंह ह्यांकी को दी। उन्होंने ड्रोन से क्षेत्र का निरीक्षण करने और टिड्डी दलों को भगाने के लिए फायर ब्रिगेड लगाने की भी मांग की। आपको यहां ये भी जानकारी दे दें कि उत्तराखंड में टिड्डियों के दल के हमले को लेकर पहले भी अलर्ट जारी किया गया था।
यह भी पढ़ें - रुद्रप्रयाग के कनसिरी गांव में फटा बादल, धान की फसल बर्बाद..खेत और पुलिया बहे
कुमाऊं कमिश्नर के निर्देश पर जिला प्रशासन ने टिड्डी दलों को भगाने का अभिय़ान शुरू कर दिया है। ग्राम दरऊ, सैजना, पक्की खमरिया, भमरोला समेत तमाम गांवों में दवा का छिड़काव किया जा रहा है। रुद्रपुर, किच्छा और सितारगंज के पास सीमांत गांवों सैजना, रतनपुरा, दरऊ और मटिया जैसी जगहों में भी टिड्डी दल देखे गए। धान और गन्ने की फसल के ऊपर टिड्डी दलों को मंडराते देख किसान दहशत में आ गए। किसानों ने इसकी सूचना कृषि विभाग के अधिकारियों को देकर मदद की गुहार लगाई। जिस पर कृषि विभाग के अधिकारियों ने कुछ गांवों का निरीक्षण कर कीटनाशकों का छिड़काव कराया। कृषि विभाग की तरफ से टिड्डी दल की सक्रियता खत्म करने के लिए खेतों में कीटनाशक का छिड़काव किया जा रहा है। प्रभावित क्षेत्रों में ड्रोन से नजर रखी जा रही है।