सड़क बंद होने से बीमार जवान को पिथौरागढ़ अस्पताल पहुंचाने में दिक्कत हुई तो 108 कर्मियों ने खुद सड़क खोलकर आईटीबीपी के जवान को अस्पताल पहुंचाया। आगे पढ़िए पूरी खबर
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Komal Negi
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Image: Good work of 108 ambulance personnel in Pithoragarh
पिथौरागढ़: सेना के जवानों को देवदूत कहा जाता है। बात जब लोगों की सुरक्षा की हो तो सेना के जवान अपनी जान की बाजी लगाने तक से पीछे नहीं हटते, लेकिन पिथौरागढ़ में जब आईटीबीपी के जवान की तबियत बिगड़ी, तो इस जवान के लिए उत्तराखंड के 108 एंबुलेंसकर्मी देवदूत बनकर सामने आए। बारिश की वजह से पहाड़ में किस कदर आपदा जैसे हालात बने हुए हैं, ये तो आप जानते ही हैं। पिथौरागढ़ में बारिश से गांव के गांव तबाह हो गए, कई लोगों की जान चली गई। रास्ते अब भी बंद हैं। ऐसे में जब सड़क बंद होने से बीमार जवान को पिथौरागढ़ अस्पताल में पहुंचाने में दिक्कत हुई तो 108 कर्मियों ने खुद सड़क खोलकर आईटीबीपी के जवान को अस्पताल पहुंचाया। आईटीबीपी जवान का नाम प्रमोद गोस्वामी है।
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प्रमोद इस वक्त भारत-चीन सीमा पर स्थित मिलम में तैनात हैं। बीते दिन जवान प्रमोद गोस्वामी की अचानक तबियत बिगड़ गई थी। जिसके बाद आईटीबीपी जवान उन्हें मुनस्यारी ले आए थे। मुनस्यारी के अस्पताल में प्रमोद का प्राथमिक उपचार हुआ, लेकिन हालत में सुधार ना होने पर डॉक्टरों ने उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया। 108 कर्मी रात करीब 12 बजे जवान को मुनस्यारी से पिथौरागढ़ की तरफ ला रहे थे। लेकिन बंद रास्ते की वजह से दिक्कतें होने लगी। भारी बारिश की वजह से थल-मुनस्यारी सड़क जगह-जगह बंद है। ऐसे में 108 कर्मियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा, लेकिन जवान की जान बचाने के लिए 108 कर्मचारी कुछ भी करने को तैयार थे। तब उन्होंने देर रात भारी बारिश के बीच खुद सड़क खोलकर आईटीबीपी के जवान को अस्पताल पहुंचाया।
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इस दौरान 108 कर्मियों ने रोड किनारे गिरे पत्थरों को खुद हटाकर रास्ता बनाया और जवान को किसी तरह हरड़िया तक ले आए। हरड़िया नाले के पास सड़क बंद थी। तब थल से दूसरी एंबुलेंस बुलाई गई। पहाड़ से लगातार गिर रहे मलबे और बोल्डरों के बीच आईटीबीपी के जवान को दूसरी 108 एंबुलेंस में शिफ्ट कर अस्पताल भेजा गया। बीमार जवान प्रमोद गोस्वामी का अस्पताल में इलाज चल रहा है। जवान की जान बचाने के लिए पिथौरागढ़ के 108 एंबुलेंसकर्मियों ने जो साहस दिखाया, उसकी जितनी तारीफ की जाए कम है। आपदा के वक्त में हमें इंसानियत और सेवाभाव के इस जज्बे को कायम रखना होगा। राज्य समीक्षा पिथौरागढ़ के 108 एंबुलेंसकर्मियों को सैल्यूट करता है।