उत्तराखंड: आज 3 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी, मौसम विभाग ने जारी किया यलो अलर्ट

अगले 24 घंटे उत्तराखंड के 3 जिलों के लिए मुश्किलभरे रहने वाले हैं। मौसम विभाग ने कुमाऊं के 3 जिलों के लिए भारी बारिश की चेतावनी जारी की है...
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Uttarakhand rain: Heavy rains expected in 3 districts of Uttarakhand
Image: Heavy rains expected in 3 districts of Uttarakhand

पिथौरागढ़: पहाड़ में बारिश की शक्ल में बरस रही आपदा से जनजीवन बेहाल है। पिथौरागढ़ के कई क्षेत्रों में भूस्खलन की वजह से गांव के गांव तबाह हो गए। कुमाऊं के साथ-साथ गढ़वाल क्षेत्र में भी भूस्खलन की वजह से सड़कें बंद हैं। जिससे रास्तों पर वाहनों की आवाजाही थम गई है। मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल बारिश से राहत नहीं मिलेगी। अगले 24 घंटे उत्तराखंड के 3 जिलों के लिए मुश्किलभरे रहने वाले हैं। मौसम विभाग ने प्रदेश के तीन जिलों में शुक्रवार को भी बारिश की संभावना जताई है। कुमाऊं क्षेत्र के तीन जिलों में आज भी भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। जिन जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। उनमें पिथौरागढ़, बागेश्वर और नैनीताल शामिल हैं। यहां ज्यादातर क्षेत्रों में तेज बौछारों के साथ भारी बारिश हो सकती है। आगे जानिए उत्तराखंड के बाकी जिलों का हाल

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उत्तराखंड के दूसरे जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। पिछले कई दिनों से जारी बारिश की वजह से प्रदेश के ज्यादातर जिलों में आपदा जैसे हालात बने हुए हैं।
चमोली जिले में भूस्खलन की वजह से दस सड़कें बंद हैं। गाड़ियों की आवाजाही नहीं हो रही। लगातार हो रही बारिश की वजह से सड़कें खोलने का काम प्रभावित हो रहा है। गुरुवार को बदरीनाथ हाईवे लामबगड़ और भनेरपाणी में बंद हो गया था, जिसे सुबह 7 बजे खोल दिया गया है। हालांकि इस क्षेत्र में लगातार भूस्खलन हो रहा है।
चमोली जिले के पोखरी क्षेत्र में 5, कर्णप्रयाग में 3 और गोपेश्वर-गैरसैंण में एक-एक संपर्क मार्ग पर यातायात बाधित है। आगे भी पढ़िए

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पिथौरागढ़ जिला भी आपदा से उबर नहीं पाया है। यहां मुनस्यारी के धापा क्षेत्र समेत कई गांवों में भूस्खलन की वजह से भारी नुकसान हुआ है। खतरे को देखते हुए गांव में रहने वाले 47 लोगों ने अपने मकान छोड़ दिए। ये सभी परिवार जंगल में टेंट लगाकर रह रहे हैं। कुछ लोगों ने अपना सामान गुफा में रखा है। यहां 19 जुलाई को हुई बारिश से जमकर तबाही मची थी। बारिश के बाद गांव की सड़क दो हिस्सों में बंट गई। कई भवन जमींदोज हो गए। गांव वाले सरकारी मदद का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन ये इतंजार खत्म ही नहीं हो रहा। गांव का रास्ता बेहद कठिन होने की वजह से ग्रामीणों को अभी किसी तरह की मदद नहीं मिल पाई है। कुल मिलाकर फिलहाल उत्तराखंड में 3 जिलों के लोगों को आज सावधान रहने की काफी जरूरत है।