मौसम के मिजाज से मुनस्यारी, बंगापानी और तेजम तहसील क्षेत्रों के लोग सहमे हुए हैं। मौरी गांव में बारिश के साथ आए सैलाब में चार मकान बह गए। मेंतली में मलबे में दबने की वजह से 45 साल की महिला की मौत हो गई। आगे पढ़िए पूरी खबर
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कोमल नेगी
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Image: Destruction after heavy rains in pithoragarh
पिथौरागढ़: आपदा की ये तस्वीरें सीमांत जिले पिथौरागढ़ की हैं, जहां बारिश के साथ आई मुसीबत का सिलसिला थम नहीं रहा। सोमवार रात यहां मूसलाधार बारिश ने जमकर कहर बरपाया। धारचूला और बंगापानी क्षेत्र में भारी बारिश के चलते जौलजीबी-मुनस्यारी रोड पर लुमती के पास बीआरओ का मोटर पुल बह गया। जौलजीबी-मुनस्यारी रोड भारत को चीन सीमा से जोड़ती है। मौरी गांव में बारिश के साथ आए सैलाब में चार मकान बह गए। यहां के लोग अब खुले में रहने को मजबूर हैं। बंगापानी के मेंतली में मलबे में दबने की वजह से 45 साल की महिला की मौत हो गई। धारचूला में भी भूस्खलन की खबर है। यहां गोरी नदी जौलजीबी में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। नदी का जलस्तर बरम के मोटर पुल तक पहुंच चुका है। आगे भी पढ़िए
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गोरी नदी घाटी में लुमती से आगे संपर्क कट गया है। जिससे जिला मुख्यालय के 100 से ज्यादा गांव अलग-थलग पड़े हैं। बंगापानी में तहसील भवन की भूमि सैलाब में बह गई। लुमती, मौरी और जाराजिबली के लोगों ने भी अपने घर छोड़ दिए हैं। धारचूला के खुमती में एक दुकान और चार वाहन बारिश के साथ आए सैलाब में बह गए। यहां रविवार रात बंगापानी के धामी गांव में भूस्खलन से एक मकान ढह गया था। हादसे में मां और बेटे की मौत हो गई थी। सोमवार को दोनों के शव मलबे से बरामद कर लिए गए। ग्रामीणों ने बताया कि 60 वर्षीय विशना देवी और उसके 30 वर्षीय बेटे जोहार सिंह का शव मलबे से निकाल लिया गया है, लेकिन 47 जानवर अब भी मलबे में दबे हैं।
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मुनस्यारी तहसील के गूटी गांव में भी हादसा हुआ है, यहां शौचालय पर बोल्डर गिरने से एक महिला की मौत हो गई। नाचनी क्षेत्र में हुई मूसलाधार बारिश से बरागाड़ नदी उफान पर है। यहां बांसबगड़ में नदी किनारे के खेत, शौचालय और कई पेड़ नदी में समा गए। नदी किनारे रह रहे सभी परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कर दिया गया है। कुमाऊं मंडल के लिए अगले 48 घंटे मुश्किल भरे रहेंगे। मौसम विभाग ने कुमाऊं के पर्वतीय क्षेत्रों में भारी बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना जताई है। आज नैनीताल, बागेश्वर, पिथौरागढ़, चंपावत और ऊधमसिंहनगर जिले में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसलिए पर्वतीय क्षेत्र के लोग अतिवृष्टि को लेकर सतर्क रहें। नदी, नालों के करीब जाने से बचें।