उत्तराखंड: 2 साल से स्कूल में गणित का शिक्षक नहीं, बोर्ड की परीक्षा में फेल हुए कई छात्र

स्यानाचट्टी के सरकारी स्कूल में पिछले दो साल से गणित का शिक्षक नहीं है। अंग्रेजी और सामाजिक विज्ञान के शिक्षक की पोस्ट भी खाली है। ये वीडियो खुद देख लीजिए
Advertisement Triyuginarayan - World’s Most Divine Wedding Destination

Couples are choosing the sacred land of Lord Shiva’s wedding to begin their own love stories.

Example Ads Media
Uttarkashi News: Not a math teacher in Uttarkashi school, many students fail
Image: Not a math teacher in Uttarkashi school, many students fail

उत्तरकाशी: बुधवार को उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट घोषित हुआ। जो छात्र पास हुए, उनके घरों में इस वक्त जश्न का माहौल है, लेकिन यमुनोत्री क्षेत्र के एक छात्र के परिजनों को ये खुशी नसीब नहीं हो पाई। यहां एक सरकारी स्कूल के कई छात्र गणित विषय में फेल हो गए। वजह, स्कूल में पिछले दो साल से गणित का शिक्षक नहीं है। अंग्रेजी और सामाजिक विज्ञान के शिक्षक की पोस्ट भी खाली है। बोर्ड परीक्षा में पास होने वाले छात्रों की सफलता की कहानियां आप भी देख-पढ़ रहे होंगे, अब जरा इस फेल होने वाले बच्चे का दर्द भी देख लें। फेल होने वाले छात्र ने अपनी पीड़ा सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो में बताई। उत्तरकाशी की बड़कोट तहसील में एक गांव है कुनशाला। जहां स्यानाचट्टी के सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले कई छात्रों का साल बर्बाद हो गया। आगे पढ़िए औरद वीडियो भी देखिए

यह भी पढ़ें - उत्तराखंड में सेना के दो जवान कोरोना पॉजिटिव, हाल ही में आगरा से जोशीमठ लौटे थे
स्कूल में पिछले दो साल से गणित का टीचर नहीं है। साल 2018 से छात्र बस कहने भर को स्कूल जा रहे हैं। यहां ना तो गणित का टीचर है, ना अंग्रेजी का और ना ही सामाजिक विज्ञान का। पीड़ित छात्र का तो ये तक कहना है कि स्कूल के प्रधानाध्यापक भी संविदा पर सेवा दे रहे हैं। सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो में छात्र ने बताया कि वो यमुनोत्री क्षेत्र के सरकारी स्कूल में पढ़ता है। इस साल हाईस्कूल की बोर्ड परीक्षा में उसके साथ-साथ स्कूल के कई छात्र फेल हो गए। स्कूल में गणित के शिक्षक नहीं हैं। छात्र के माता-पिता खेती करते हैं। वो भी पढ़े-लिखे नहीं हैं। ऐसे में छात्र ना तो स्कूल में पढ़ पाया और ना ही घर में। स्यानाचट्टी के सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले छात्र जानते थे कि उनका परीक्षा परिणाम क्या होने वाला है, फिर भी वो किसी चमत्कार की उम्मीद में बैठे थे। आगे देखिए वीडियो

यह भी पढ़ें - उत्तराखंड जाने की सोच रहे लोगों के लिए जरूरी खबर, 7 अगस्त तक पास मिलना मुश्किल
लेकिन चमत्कार सिर्फ किस्से-कहानियों में होते हैं हकीकत में नहीं। कुनशाला गांव के कई छात्रों के चेहरे पर इस वक्त मायूसी छाई है। उन्हें अपना साल बर्बाद होने का दुख है, लेकिन इसका दोष किसे दें, ये वो अब तक समझ नहीं पाए हैं। फेल होने वाले छात्र ने कहा कि मेरा पूरा साल खराब हो गया, लेकिन ऐसा दूसरे छात्रों के साथ ना हो इसके लिए स्कूल में शिक्षकों की तैनाती की जानी चाहिए।

  • Youtube सब्सक्राइब करें: