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हजारों वर्षों से जलती अखंड ज्योति के सामने सात फेरे - आस्था, परंपरा और प्रकृति का अनोखा संगम
पहाड़, मंत्र और देवभूमि का आशीर्वाद.. त्रियुगीनारायण में शादी सिर्फ एक समारोह नहीं, आध्यात्मिक अनुभव है।
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पौड़ी गढ़वाल: पहाड़ के वीर सपूत देश की रक्षा में अपने प्राणों की आहुति देने से भी नहीं हिचकिचाते। ये ही वो वीर हैं, जो तपती धूप या फिर हाड़ कंपा देने वाली ठंड में भी देश की रक्षा में सीमा पर तैनात रहते हैं। दुख तब होता है, जब इन जवानों की वीरगति की खबर सुनने को मिलती है। एक बार फिर से फिर से एक दुखद खबर उत्तराखंड के लिए है। उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले के भैंसोड़ा गांव के वीर सपूत के वीरगति प्राप्त होने की खबर सामने आ रही है। असम राइफल्स के वीर जवान हर्षपति सिंह अपने घर के इकलौते चिराग थे। 24 साल की उम्र में ये वीर जवान हम सभी को छोड़कर चला गया। परिवार के इकलौते बेटे हर्षपति की शादी होने वाली थी। जी हां बताया जा रहा है कि इस अक्टूबर में उनकी शआदी होनी थी। पहले मई में उनकी शादी तय की गई थी लेकिन लॉकडाउन की वजह से शादी को अक्टूबर में टाल दिया गया था। आगे पढ़िए