अगर आप इन दिनों चमोली-गोपेश्वर जाने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो इस प्लान को कुछ दिनों के लिए टाल दें। क्योंकि चमोली-गोपेश्वर-ऊखीमठ हाईवे पर गाड़ियों की आवाजाही रोक दी गई है।
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Komal Negi
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Image: Chamoli gopeshwar ukhimath high way land slide
चमोली: तबाही की ये तस्वीरें चमोली से आई हैं। जहां लगातार जारी बारिश और भूस्खलन की वजह से चमोली-गोपेश्वर-ऊखीमठ हाईवे कई जगह क्षतिग्रस्त हो गया है। भूस्खलन की वजह से सड़क का बड़ा हिस्सा ढहकर नदी की भेंट चढ़ गया। पहाड़ से गिरे मलबे की वजह से हाईवे कई जगह बाधित है। एक और जरूरी बात आपको बता देते हैं, अगर आप इन दिनों चमोली-गोपेश्वर जाने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो इस प्लान को कुछ दिनों के लिए टाल दें। क्योंकि चमोली-गोपेश्वर-ऊखीमठ हाईवे पर गाड़ियों की आवाजाही रोक दी गई है। अब हाईवे को वाहनों की आवाजाही के लिए 15 सितंबर के बाद ही खोला जाएगा।
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चमोली में रुक-रुककर हो रही बारिश से चमोली-गोपेश्वर-ऊखीमठ रोड जगह-जगह क्षतिग्रस्त है। इसकी मरम्मत में समय लगेगा। लगातार जारी बारिश की वजह से निर्माण कार्य में रुकावट आ रही है। ऐसे में लोनिवि ने हाईवे के सुधारीकरण कार्य के लिए वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी है। 15 सितंबर तक चमोली-गोपेश्वर-ऊखीमठ रोड पर वाहन नहीं चलेंगे। मरम्मत का काम पूरा होने के बाद ही हाईवे को वाहनों की आवाजाही के लिए खोला जाएगा। लोनिवि एनएच के अधिकारी क्या कह रहे हैं, ये भी बताते हैं। अधिशासी अभियंता जीतेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि गोपेश्वर-ऊखीमठ हाईवे 12 से ज्यादा जगहों पर क्षतिग्रस्त है। विक्रम डांग के पास हाईवे का बड़ा हिस्सा बह गया है। यहां हाईवे करीब बीस मीटर तक बुरी तरह क्षतिग्रस्त है।
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गोपेश्वर-ऊखीमठ हाईवे की मरम्मत में करीब एक करोड़ 7 लाख रुपये की लागत आएगी। वाहनों की आवाजाही पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। गोपेश्वर-मंडल-ऊखीमठ हाईवे के बंद हो जाने के बाद यात्रियों के पास क्या ऑप्शन है। ये भी जान लें। फिलहाल जो यात्री चोपता, पोखरी और ऊखीमठ के आसपास के गांवों में जाना चाहते हैं, उन्हें रुद्रप्रयाग से होते हुए गंतव्य तक जाना होगा। केदारनाथ के दर्शन कर बदरीनाथ धाम, रुद्रनाथ, अनुसूया माता और गोपीनाथ की तीर्थयात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं को भी चोपता की बजाय रुद्रप्रयाग से आवाजाही करनी होगी। गोपेश्वर-मंडल-ऊखीमठ हाईवे बंद होने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। फिलहाल हाईवे बंद है, मरम्मत का काम पूरा होने के बाद हाईवे को वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया जाएगा।