यूएसनगर स्थित रुद्रपुर के निवासी महज 17 साल के मोहित पुरोहित ने चाइनीज टिक-टॉक की तरह ही इंडियन टिक-टॉक बना कर बहुत बड़ी उपलब्धि अपने नाम की है। 15 अगस्त को प्लेस्टोर पर लॉंच कर दिया गया है
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Komal Negi
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Image: Udham Singh Nagar Mohit created Indian tick-talk app
उधमसिंह नगर: चाइना के साथ भारत के संबंध वर्तमान में बेहद कड़वे हैं। दोनों देशों के बीच बढ़ते द्वेष को देखते हुए भारत सरकार ने महीने भर पहले प्ले स्टोर से कई चाइनीस एप इंडिया से बैन कर दिए थे, जिनमें से एक युवाओं के बीच बेहद चर्चित एप्लीकेशन टिक टॉक भी था। टिक टॉक को बैन हुए तकरीबन एक महीना बीत चुका है, और इसी बीच उत्तराखंड के एक विलक्षण बुद्धि वाले बच्चे ने एक ऐसा कमाल कर दिखाया है जिसकी तारीफ करते कोई नहीं थक रहा है। उत्तराखंड के एक बच्चे ने चाइनीज टिक टॉक के जैसा ही एक एप बना डाला है। बच्चे की उम्र जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे। जिसने यह करिश्मा कर दिखाया है उसकी उम्र महज 17 साल की है। जी हां, इस बात पर यकीन करना मुश्किल है मगर 17 साल के बच्चे ने टिक टॉक के जैसा ही भारतीय टिक टॉक एप बना डाला है। एप लांच होने के बाद ही अब तक हजारों लोग इस ऐप को डाउनलोड भी कर चुके हैं।
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हम बात कर रहे हैं उधमसिंह नगर जिले के रुद्रपुर, किच्छा निवासी 17 वर्षीय मोहित पुरोहित की जिसने चाइनीस टिक-टॉक की तरह ही इंडियन टिक-टॉक एप बनाकर अपने हुनर का लोहा मनवाया है और राज्य का नाम रौशन किया है। हैरत की बात यह है कि मोहित ने इस एप को डेवलप करने के लिए महज एक महीने का वक्त लगाया है। यह सत्य है की प्रतिभा किसी उम्र की मोहताज नहीं होती है। उधम सिंह नगर के निवासी मोहित पुरोहित ने 17 साल की उम्र में यह कारनामा करके बहुत बड़ी सफलता अपने नाम की है। बीते 15 अगस्त को यह एप प्ले स्टोर लॉन्च कर दिया है। एप्लीकेशन के लॉन्च होने के साथ ही अब तक हजारों लोग इस एप्लीकेशन से जुड़ चुके हैं। मोहित 11वीं क्लास का छात्र है और बचपन से ही उसको एप डेवलपमेंट करने का जुनून सवार है। मोहित ने महज 13 वर्ष की उम्र में अपना पहला मोबाइल एप बनाया था। जिसके बाद उसके पिता ने बेटे की प्रतिभा को नई उड़ान दी और मोहित के एप डेवलेपमेंट के शौक को प्रोत्साहन दिया। आज उनके बेटे ने यह कारनामा कर उनका नाम ऊंचा किया है।
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यह एप चाइना के टिक-टॉक से काफी बेहतर है और फीचर्स के मुकाबले में यह बड़े-बड़े एप्लीकेशंस को टक्कर दे रहा है। मोहित ने बताया कि उनको यह एपलीकेशन बनाने में एक महीने का वक्त लगा। उनके बनाए गए एप्लीकेशन में टिक-टॉक की तुलना में काफी अधिक अपडेट हो रखे हैं। इसमें वीडियो अपलोड के साथ-साथ मॉनिटरिंग भी की जा सकती है। वहीं मोहित अब इस एप्लीकेशन में और नए फीचर्स जोड़ने की तैयारी कर रहे हैं। मोहित ने बताया कि जब उन्होंने यह एप बनाना शुरू किया तो वह दिन के कुछ ही घंटे एप को तैयार करने में देते थे, मगर उन्होंने कहा कि जब उनको इसके अंदर इंटरेस्ट आने लगा तो वह घंटो मेहनत कर एप को डिजाइन करने में लगाते थे। बीते 15 अगस्त को मोहित ने इंडियन टिक-टॉक प्लेस्टोर में अवेलेबल कर दिया है। मोहित ने बताया कि उनके पिता ने हमेशा ही उनके एप डिवेलपमेंट में इंट्रस्ट को लेकर उनका सपोर्ट किया है। वह भविष्य में एप डेवेलपर में करियर बनाना चाहते हैं और उनके घरवाले भी उनके इस निर्णय को खूब प्रोत्साहित कर रहे हैं।