जमीन-जायजाद के लालच में दामाद ने एक साल के भीतर परिवार के चार लोगों का कत्ल कर के उन्हें घर में ही दफना दिया। आरोपी ने जिन लोगों का कत्ल किया उनमें उसके सास-ससुर और दो सालियां शामिल हैं।
-
Komal Negi
-
Advertisement
No reels. No crowds. Just Kedar Himalaya - This trek doesn’t want to be famous..
Alpine meadows, dense forests, and snow-capped peaks in one journey. Suitable for both beginner and experienced trekkers.
Example Ads Media
Image: Udham Singh Nagar 4 people killed
: किसी ने सच ही कहा है, आज के वक्त में इंसान से खतरनाक जानवर कोई नहीं। अब ऊधमसिंहनगर में ही देख लें, यहां एक युवक ने ऐसी दिल दहला देने वाली वारदात को अंजाम दिया, जिसे सुन आपका रिश्तों पर से ही भरोसा उठ जाएगा। जमीन-जायजाद के लालच में एक दामाद ने एक साल के भीतर परिवार के चार लोगों का कत्ल कर के उन्हें घर में ही दफना दिया। आरोपी ने जिन लोगों का कत्ल किया उनमें उसके सास-ससुर और दो सालियां शामिल हैं। इस घटना के सामने आने के बाद क्षेत्र में दहशत है। इस बात पर यकीन कर पाना मुश्किल है कि कोई प्रॉपर्टी के लिए इस हद तक गिर सकता है। दिल दहला देने वाली ये घटना रुद्रपुर में घटी। अब तक मिली जानकारी के अनुसार पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गई है। शवों की तलाश के लिए घर में खुदाई की जा रही है।
यह भी पढ़ें - उत्तराखंड: यूथ फाउंडेशन की मेहनत रंग लाई, इस बार 61 नौजवान गढ़वाल राइफल में शामिल
पुलिस ने आरोपी की पत्नी को भी हिरासत में लिया है। उससे पूछताछ की जा रही है। घटना ट्रांजिट कैंप क्षेत्र की है। जहां 55 साल के हीरालाल और उनकी 45 वर्षीय पत्नी हेमवती अपनी दो बेटियों के साथ रहते थे। बेटी पार्वती की उम्र 24 साल थी, जबकि छोटी बेटी दुर्गा 20 साल की थी। हीरालाल ने अपनी सबसे बड़ी बेटी लीलावती की शादी नरेंद्र गंगवार से कराई थी। शादी के बाद नरेंद्र अपने सास-ससुर के घर में ही रहता था। नरेंद्र की नजर अपने ससुराल की प्रॉपर्टी पर थी। इसमें पत्नी लीलावती ने भी उसका साथ दिया। बताया जा रहा है कि साल 2015 में नरेंद्र और उसके ससुराल वालों के बीच प्रॉपर्टी को लेकर कोई झगड़ा हुआ था। नरेंद्र पूरी प्रॉपर्टी अपने नाम कराना चाहता था। सास-ससुर ने मना किया तो नरेंद्र अपने बच्चों और पत्नी के साथ अलग रहने लगा।
यह भी पढ़ें - उत्तराखंड: बेरोजगारी की दर नकारात्मक नहीं,रोजगार देने वाले नकारा हैं! इन्द्रेश मैखुरी का ब्लॉग
पिछले साल 20 अप्रैल 2019 को नरेंद्र ने पत्नी और अपने किरायेदार विजय के साथ मिलकर सास-ससुर और दोनों सालियों की हत्या कर दी। उनकी लाशों को घर में ही दफना दिया। अब ये मामला कैसे खुला, ये भी बताते हैं। दरअसल हीरालाल का बरेली के मीरगंज में मकान और 12 बीघा खेत हैं। इस प्रॉपर्टी की देखभाल वहां दुर्गा प्रसाद नाम का शख्स करता है। इसी प्रॉपर्टी को लेकर नरेंद्र का अपने ससुर से विवाद हुआ था। कुछ दिन पहले नरेंद्र बरेली गया और दुर्गा प्रसाद से कहा कि उसके ससुर और एक साली का निधन हो गया है। जबकि सास और दूसरी साली 1 साल से लापता हैं। ये सुनकर दुर्गा प्रसाद को शक हो गया। वो रुद्रपुर आया और पूछताछ की तो पता चला कि घर तो एक साल से बंद पड़ा है। तब दुर्गा प्रसाद ने पुलिस को खबर की। पुलिस ने नरेंद्र से सख्ती से पूछताछ की तो सारा सच सामने आ गया। फिलहाल पुलिस घर में दफनाए गए शवों को ढूंढ रही है।