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ऋषियों का मार्ग: केदार हिमालय के इन ट्रेक्स पर शोर नहीं, सिर्फ मंत्र सुनाई देते हैं
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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बागेश्वर: कोरोना वायरस के कारण हम सबकी जिंदगी सिमट कर रह गई है। अधिकतर काम ऑनलाइन हो रहे हैं। इस बीच ऑनलाइन शिक्षा के लिए एक अच्छा इंटरनेट कनेक्शन स्मार्टफोन या फिर लैपटॉप होना बहुत जरूरी है। हमें यह चीज ध्यान में रखनी चाहिए कि शहरों के साथ-साथ गांव में भी बच्चे पढ़ने की चाहत रखते हैं। तो क्या उन बच्चों तक शिक्षा पहुंच पा रही है? क्या ग्रामीण क्षेत्रों में रह रहे बच्चे ऑनलाइन शिक्षा जैसी सुविधा का फायदा ले पा रहे हैं? जी नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले बच्चों को सबसे अधिक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। पहाड़ों पर वैसे ही शिक्षा की हालत दयनीय है। उसके ऊपर से स्कूलों के बंद होने से कई बच्चों की पढ़ाई ठप हो गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक परिस्थितियां अच्छी नहीं हैं। जिस वजह से लोग स्मार्टफोन जैसी मूलभूत जरूरत भी अफॉर्ड नहीं कर पाते हैं। इस तरह कई बच्चे महीनों से पढ़ाई से दूर हो रखे हैं। उनको पढ़ाने वाला कोई नहीं है। ऐसे में कई लोग उदाहरण बनकर सामने आए हैं। वे लोग जिन्होंने इन बच्चों की मदद करने की ठानी है। हम बात कर रहे हैं बागेश्वर जिले के उन प्रवासी युवाओं की जो इस समय अपने अपने गांव में वापस लौट चुके हैं। आगे पढ़िए