सरकारी गाइडलाइन के अनुसार नौवीं से 12वीं तक के छात्रों को स्कूल बुलाना है, बशर्ते अभिभावक की अनुमति हो। छात्र ऑनलाइन पढ़ाई भी जारी रख सकते हैं।
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Komal Negi
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Image: Preparations for opening school in Uttarakhand
देहरादून: कोरोना काल के दौरान थमी जिंदगी एक बार फिर रफ्तार पकड़ने लगी है। उत्तराखंड में चारधाम यात्रा भी शुरू हो गई। हजारों की तादाद में पर्यटक उत्तराखंड पहुंचने लगे हैं। इस बीच केन्द्र सरकार द्वारा अनलॉक-05 की एसओपी में राज्यों को 15 अक्तूबर के बाद से शैक्षिक संस्थानों को खोलने की छूट दी गई है। अब सवाल ये है कि क्या 15 अक्टूबर से उत्तराखंड में भी स्कूलों की रौनक भी लौट आएगी? माना जा रहा है कि अभी उत्तराखंड में सरकार इस फैसले को लेकर उहापोह की स्थिति में है। सरकारी गाइडलाइन के अनुसार नौवीं से 12वीं तक के छात्रों को स्कूल बुलाना है, बशर्ते अभिभावक की अनुमति हो। इस तरह अनलॉक-5 में स्कूल तो खुलेंगे, लेकिन छात्रों के लिए रोज स्कूल जाने की बाध्यता नहीं होगी। कम हाजिरी होने पर स्कूल प्रबंधन उनके खिलाफ कार्रवाई भी नहीं कर सकते। केंद्र सरकार ने अनलॉक-5 के लिए जारी एसओपी में राज्यों को 15 अक्टूबर के बाद शैक्षिक संस्थानों को खोलने की छूट दी है। इस रियायत को लेकर कंफ्यूजन की स्थिति भी बनी हुई है। माना जा रहा है कि 15 अक्टूबर से स्कूल पूरी तरह खुल जाएंगे और छात्रों को स्कूल आना ही पड़ेगा। हालांकि शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने इसे लेकर स्थिति साफ कर दी है। आगे पढ़िए
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शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय बता चुके हैं कि राज्य सरकार स्कूलों को खोलने का फैसला अभिभावक, स्कूल प्रबंधन और स्वास्थ्य विभाग की सलाह के आधार पर लेगी। उत्तराखंड में स्कूल तीन चरणों में खोले जाएंगे। पहले चरण में स्कूलों में 9वीं से 12वीं तक की कक्षाओं का संचालन किया जाएगा। स्कूल खुलने की तारीख नजदीक आ गई है। जो छात्र स्कूल जाना चाहते हैं वो अभिभावकों की सहमति मिलने के बाद स्कूल जा सकते हैं, लेकिन जिन्हें पढ़ाई का ऑनलाइन तरीका रास आ रहा है। वो ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाई जारी रख सकते हैं। केंद्र और राज्य सरकार ने संक्रमण के रोकथाम के लिए कुछ मानक तय किए हैं। इसके अनुसार छात्रों पर स्कूल आने की बाध्यता नहीं है। गाइडलाइन में लिखा है कि स्कूल प्रबंधन छात्रों को क्लासरूम में आकर पढ़ाई के लिए मजबूर नहीं कर सकते। ऑनलाइन पढ़ाई जारी रहेगी और सरकार इसे प्रमोट भी करेगी। अभिभावकों की अनुमति मिलने के बाद ही छात्र क्लास अटैंड कर सकेंगे। शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने कहा कि अभिभावकों और छात्रों के हितों का पूरा ध्यान रखा जाएगा। उन्हें परेशान होने की जरूरत नहीं है। स्कूल खोलने को लेकर जिलाधिकारियों से रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्यवाही की जाएगी।