दो दिनों के अंदर दो 7 वर्षीय मासूमों को अपना निवाला बनाने वाले नरभक्षी गुलदार को बीती मंगलवार की रात वन विभाग की टीम ने नरेंद्रनगर के कसमोली गांव में ढेर कर दिया
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Komal Negi
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Image: Leopard hunt in Tehri Garhwal
टिहरी गढ़वाल: उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में गुलदार का दबदबा लगातार बढ़ता ही जा रहा है। कोई भी दिन ऐसा नहीं गुजरता है जब उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों से गुलदार के हमलों की दिल दहला देने वाली घटनाएं सामने नहीं आती हैं। मानव-वन्यजीव संघर्ष थमने का नाम नहीं ले रहा है। बात करें टिहरी जिले के नरेंद्रनगर की तो वहां पर भी काफी समय से लोग गुलदार के कारण दहशत में थे, मगर आखिरकार लोगों की दहशत अब खत्म हो चुकी है। बता दें कि टिहरी जिले के नरेंद्र नगर ब्लॉक क्षेत्र के गांव में लंबे समय से नरभक्षी गुलदार सक्रिय था जिसने हाल ही में 7 वर्ष के दो मासूमों को अपना निवाला बनाया था और मौत के घाट उतार दिया था। उस नरभक्षी गुलदार को बीती रात वन विभाग की टीम ने बंदूक से ढेर कर दिया है। बता दें कि गुलदार ने बीते मंगलवार की शाम को ही कसमोली गांव के एक 7 वर्षीय बच्चे को अपना निवाला बनाया था। जिसके बाद गांव में हड़कंप मच गया था। घटना के 3 घंटे बाद गुलदार वापस कसमोली गांव में वापस आया जिसके बाद वन विभाग ने गुलदार को बंदूक से गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया। गुलदार के ढेर हो जाने के बाद आखिरकार नरेंद्रनगर के निवासियों ने राहत की सांस ली है।
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बता दें कि गुलदार के खौफ के कारण नरेंद्रनगर में स्थित सभी गांव निवासी बेहद डरे हुए थे। महज दो दिन के भीतर जिस गांव से गुलदार के कारण दो मासूमों की अर्थियां उठी हों, आखिर वहां दहशत कैसे न हो? जी हां, गुलदार ने बीते रविवार और बीते मंगलवार को कसमोली एवं पलसारी गांव के दो मासूम बच्चों को घर से उठा लिया था और उनको जान से मार डाला था। घटना के बाद लोगों के बीच इस कदर खौफ पसर गया था कि लोग घरों से बाहर जाने में हिचकिचा हे थे। जिस गुलदार को वन विभाग ने बीते मंगलवार को ढेर किया उसने बीते मंगलवार की शाम को ही कसमोली गांव के एक 7 वर्षीय बच्चे रौनक को अपना निवाला बना लिया था। जिसके बाद से रौनक के घर में कोहराम मचा हुआ है। उससे पहले भी उसने बीते रविवार को साल्गोडी ग्रामसभा के एक घर में आंगन से 7 वर्षीय बच्ची स्मृति को भी अपना निवाला बना कर उसको मौत के घाट उतार दिया था जिसके बाद से लोगों के मन में खौफ पसरा हुआ था।
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नरेंद्रनगर ब्लॉक क्षेत्र के सभी गांवों में सक्रिय यह नरभक्षी गुलदार ने कई लोगों की नाक में दम कर दिया था और उनको खौफ में जीने पर मजबूर कर दिया था। दो दिन के अंतराल में उसने गांव के दो बच्चों को अपना निवाला बना लिया था जिसके बाद गांव वालों ने बिना देरी किए वन विभाग में इस बात की शिकायत की और वन विभाग की टीम ने आसपास के क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी और गुलदार को पकड़ने की सारी प्लानिंग की। मंगलवार की शाम को गुलदार ने कसमोली गांव में प्रताप सिंह रमोला के 7 वर्षीय बालक रौनक रमोला के घर के आंगन से उठाकर उसको मौत के घाट उतार दिया था। हमले के 3 घंटे के बाद गुलदार रात को साढ़े 8 बजे वापस गांव में आया तो वन विभाग के शूटर जॉय हुकिल ने अपने बंदूक की गोली से निशाना साधते हुए नरभक्षी गुलदार को मौत के घाट उतार दिया। वन रेंज अधिकारी विवेक जोशी ने बताया कि गुलदार का शव बरामद कर लिया गया है और उसे पोस्टमार्टम के लिए पशु चिकित्सालय लाया जा रहा है। वहीं गुलजार के मरने की खबर सुनने के बाद गांववालों ने थोड़ी राहत की सांस ली है।