जिले के दो युवक जब पहली बार पैयां ताल पहुंचे तो, यहां का नजारा देख उन्हें अपनी आंखों पर विश्वास नहीं हुआ। ताल के चारों तरफ ब्रह्मकमल, फेन कमल और अन्य कई प्रजातियों के फूल खिले हुए थे। आगे पढ़िए पूरी खबर
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Komal Negi
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Image: Payya Tal Kedarnath New Lake
रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड की शांत वादियों की बात ही अलग है। यहां आपको नैचुरल ब्यूटी, सुकून और शांति के अलावा एक ऐसा अहसास भी मिलता है, जिसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। उत्तराखंड में ऐसी कई अनछुई जगहें हैं, जो आज तक सामने नहीं आ सकीं। शायद ये अच्छा ही है। इंसानी दखल ना होने की वजह से ही ये जगहें अपनी प्राकृतिक सुंदरता को बरकरार रख सकी हैं। हाल में रुद्रप्रयाग में प्रकृति का एक ऐसा ही नायाब अजूबा देखने को मिला है। यहां हिमालय की तलहटी पर साफ पानी से लबालब पैंया ताल की खोज की गई। दूध गंगा घाटी में स्थित ये तालाब बेहद भव्य है। हैरानी की बात ये है कि इसके बारे में लोगों को कुछ दिन पहले ही पता चला है। गूगल मैप भी आज तक इस तालाब को ढूंढ नहीं पाया। इसके पाये जाने की कहानी भी बड़ी दिलचस्प है, चलिए सुनाते हैं।
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पैंया ताल साफ पानी से लबालब तालाब है, जो कि हिमालय की तलहटी में दूध गंगा घाटी में स्थित है। ये केदारनाथ से 16 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। ताल की खूबसूरती को शब्दों में नहीं समेटा जा सकता। साफ पानी के इस सरोवर में मेरू-सुमेरू पर्वत श्रृंखला की छाया इसकी खूबसूरती को और भी बढ़ा रही है। लगभग 15 दिन पहले यहां जिले के दो युवक पहली बार पहुंचे हैं। इससे पहले यहां सिर्फ एक बाबा आये थे, जो कि गरूड़चट्टी में साधना करते हैं। उन्होंने ही युवकों को हिमालय की तलहटी में स्थित तालाब के बारे में बताया। दो हफ्ते पहले संदीप कोहली और तनुज रावत अपने दो साथियों के साथ केदारनाथ गए थे। वहां से ये लोग वासुकीताल पहुंचे। दोनों युवक उत्तराखंड की अनछुई जगह की तलाश में थे। इसी दौरान उनकी मुलाकात बाबा बलराम दास से हुई। जो कि एक गुफा में साधना कर रहे थे।
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बाबा यूं तो पांच साल से गरूड़चट्टी में रह रहे हैं, लेकिन साधना करने के लिए वो वासुकीताल आते हैं। बाबा ने युवाओं को जानकारी दी कि दूध गंगा घाटी में एक भव्य ताल है, जिसके बारे में किसी को कोई जानकारी नहीं है। तालाब का नाम पैंया ताल है। बाबा तीन साल पहले यहां आए थे। तालाब की खूबसूरती का बखान सुन संदीप और अनुज से रहा नहीं गया। वो 7 किलोमीटर की दूरी तय कर दो घंटे में पैंया ताल पहुंचे। यहां का नजारा देख उन्हें अपनी आंखों पर विश्वास नहीं हुआ। ताल के चारों तरफ ब्रह्मकमल, फेन कमल व अन्य कई प्रजाति के फूल खिले हुए थे। हाल में तालाब की खूबसूरत तस्वीरें पहली बार सामने आईं। हर कोई इस जगह की खूबसूरती देख हैरान है। अब इस जगह के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग के डीएफओ अमित कंवर ने बताया कि पैंया ताल के बारे में जानकारी नहीं हैं। जल्द ही ताल का भ्रमण कर पूरी जानकारी जुटाई जाएगी।