Kedarnath Yatra 2026: अब गर्भगृह नहीं, सभा मंडप से होंगे बाबा केदार के दर्शन.. जानिए क्या है नया सिस्टम

Kedarnath Yatra 2026: केदारनाथ धाम में इस बार दर्शन व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। श्रद्धालु अब गर्भगृह के बजाय सभा मंडप से ही शिवलिंग के दर्शन करेंगे। जानिए नए नियम और सुविधाएं।
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Kedarnath Yatra 2026: Rules Change of darshan in Kedarnath temple
Image: Rules Change of darshan in Kedarnath temple

रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल केदारनाथ धाम के कपाट आज 22 अप्रैल को पूरे विधिविधान के साथ खोल दिए गए हैं। इस बार श्रद्धालुओं के लिए दर्शन व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। अब भक्त गर्भगृह में प्रवेश नहीं कर सकेंगे और सभा मंडप से ही स्वयंभू शिवलिंग के दर्शन करेंगे। यह निर्णय श्रद्धालुओं की सुविधा और भीड़ नियंत्रण को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

Rules Change of darshan in Kedarnath temple

केदारनाथ धाम में हर साल देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। भारी भीड़ के चलते गर्भगृह में अव्यवस्था और धक्का-मुक्की जैसी स्थिति बन जाती थी। श्रद्धालुओं को घंटों लंबी लाइनों में इंतजार करना पड़ता था। इन्हीं समस्याओं को देखते हुए मंदिर समिति ने इस बार नई व्यवस्था लागू की है। नई व्यवस्था के तहत अब सभी श्रद्धालु सभा मंडप से ही भगवान केदारनाथ के दर्शन करेंगे। इससे न केवल भीड़ को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी, बल्कि अधिक संख्या में भक्त कम समय में दर्शन कर सकेंगे। यह व्यवस्था यात्रा के शुरुआत से ही लागू कर दी जाएगी। सभा मंडप से दर्शन की व्यवस्था लागू होने के बाद श्रद्धालुओं को लंबी कतारों में खड़े रहने से राहत मिलेगी। दर्शन प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक व्यवस्थित और तेज हो जाएगी, जिससे यात्रियों को बेहतर अनुभव मिलेगा। आगे पढ़िए..

मोबाइल, फोटोग्राफी और अन्य प्रतिबंध

केदारनाथ धाम में इस बार कुछ सख्त नियम भी लागू किए गए हैं। मंदिर से 70 मीटर के दायरे में मोबाइल फोन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इसके अलावा फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी और रील बनाने पर भी रोक लगाई गई है। गैर-सनातनियों के प्रवेश पर भी प्रतिबंध रहेगा।
श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मंदिर समिति ने टोकन सिस्टम लागू किया है, जिससे यात्रियों को घंटों लाइन में खड़ा नहीं रहना पड़ेगा। साथ ही, मंदिर परिसर में लॉकर की व्यवस्था भी की गई है, जहां श्रद्धालु अपने मोबाइल और अन्य सामान सुरक्षित रख सकेंगे।

BKTC ने दिए सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश

श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी केदारनाथ की पंचमुखी डोली के साथ पैदल चलकर धाम पहुंचे। उन्होंने वहां पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मंदिर समिति श्रद्धालुओं को सरल और सुगम दर्शन कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों में केदारनाथ धाम का पुनर्निर्माण किया गया है और इस बार स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।