उत्तराखंड में 7 महीने बाद खुल गए स्कूल, कहीं क्लास में 3 बच्चे...कहीं एक भी नहीं

छात्रों को स्कूल में काफी दूर-दूर बैठाया गया था। साथ ही कोरोना के मद्देनजर हर एहतियात का पालन भी किया गया।
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Uttarakhand School: Schools Open  in Uttarakhand
Image: Schools Open in Uttarakhand

देहरादून: प्रदेश के छात्रों के लिए सोमवार का दिन बेहद खास रहा। कोरोना वायरस संक्रमण के चलते बंद सरकारी स्कूल आज सात महीने बाद फिर से खुल गए। बदले-बदले माहौल में झिझकते हुए ही सही, छात्र स्कूल पहुंचने लगे हैं। आज से 10वीं और 12वीं के छात्रों के लिए स्कूल के गेट खोल दिए गए, हालांकि स्कूलों के पूरी तरह खुलने में समय लग सकता है। फिलहाल केवल वे ही छात्र स्कूल आ सकते हैं, जिनके अभिभावक उन्हें मंजूरी देंगे। सोमवार को सर्दी के टाइम टेबल के हिसाब से सुबह 9 बजकर 15 मिनट पर स्कूल खोले गए। शिक्षा सचिव ने कहा कि कोरोना संक्रमण पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है। इसलिए एहतियात बरतना जरूरी है। उन्होंने शिक्षा निदेशक और नोडल अफसरों को व्यवस्था पर अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।

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कोरोना संक्रमण ने हमारी जिंदगी ही नहीं, क्लासरूम का फॉर्मेट भी पूरी तरह से बदल कर रख दिया। अब स्कूलों में ऐसे कई नए मानक लागू किए गए हैं, जो अब से पहले कभी सोचे तक नहीं गए थे। आम दिनों में स्कूल की शुरुआत सुबह स्कूल मैदान में होने वाली प्रार्थना सभा से होती थी, लेकिन अब इस पर रोक लगा दी गई है। छात्रों ने क्लासरूम में ही सुबह की प्रेयर की। सांस्कृतिक और खेल गतिविधियां भी प्रतिबंधित हैं। कोरोना महामारी के चलते लागू लॉकडाउन में 14 मार्च से सभी स्कूलों को बंद कर दिया गया था। इस बीच ऑनलाइन क्लासेज के जरिए छात्रों की पढ़ाई जारी रही। राज्य सरकार के दिशा निर्देशों के तहत सोमवार को 231 दिन के बाद स्कूलों में छात्र वापस तो लौटे लेकिन अब वहां पहले वाली रौनक नहीं रही। उत्तराखंड राज्य में 3791 माध्यमिक स्कूल हैं। जिनमें सरकारी, प्राइवेट और सहायता प्राप्त स्कूल शामिल हैं। माध्यमिक स्तर पर अध्ययन करने वाले छात्रों की संख्या 06 लाख से ज्यादा है।

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स्कूल संचालन के लिए राज्य सरकार की तरफ से एसओपी जारी की जा चुकी है। इसके तहत स्कूलों को सैनेटाइज कराया गया। सभी जिलों से स्कूलों का अपडेट लिया जा रहा है। सभी को निर्देश दिए गए है कि एसओपी का कड़ाई से पालन किया जाए। वहीं प्रदेश में 2 नवंबर से स्कूल खुलेंगे भी या नहीं इसे लेकर रविवार तक असमंजस बना रहा। कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर स्कूलों के 30 नवंबर तक बंद रहने की अफवाहें भी उड़ाईं, जिनका खंडन करने के लिए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत खुद आगे आए। जिसके बाद अफवाहों पर विराम लग गया। इस तरह सोमवार से प्रदेशभर में स्कूलों का संचालन शुरू हो गया। छात्रों को स्कूल में काफी दूर-दूर बैठाया गया था। साथ ही कोरोना के मद्देनजर सारे एहतियातों का पालन भी किया गया।